दरोगा भर्ती : दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल पर विवाद, ‘पंडित’ विकल्प देने पर सरकार सख्त
Munesh Kumar Shukla Sun, Mar 15, 2026
उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में अवसरवादी के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से जुड़ी किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसी गलती दोबारा होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर स्थिति स्पष्ट की। बोर्ड ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों से धार्मिक पहचान से जुड़ी वस्तुएं जैसे कलावा या मंगलसूत्र उतरवाने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
इसके बाद दरोगा भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन कई केंद्रों पर कुछ नरमी भी देखने को मिली। अभ्यर्थियों का कलावा नहीं काटा गया और महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र भी नहीं उतरवाए गए। हालांकि सुरक्षा जांच के तहत गले की चेन, हाथ के कड़े, जूते और बेल्ट उतरवाए गए।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में दो दिन तक चलने वाली दरोगा भर्ती परीक्षा का आज अंतिम दिन है। परीक्षा दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक हुई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इस भर्ती परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1090 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 4,543 पदों को भरा जाएगा। परीक्षा के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।
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