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लखनऊ से निकली ‘ब्रह्मोस’ की गरज! : अब हर साल 100 घातक मिसाइलें, दुश्मनों की बढ़ी टेंशन

Munesh Kumar Shukla Tue, Apr 14, 2026

भारत की सबसे घातक मिसाइलों में शामिल BrahMos Missile को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। Lucknow में बने नए ब्रह्मोस प्लांट से अब मिसाइलों की डिलीवरी शुरू हो चुकी है, जिससे भारतीय सेनाओं की ताकत और बढ़ने जा रही है।

यह प्लांट Uttar Pradesh Defence Industrial Corridor का अहम हिस्सा है। अक्टूबर 2025 में यहां पहली बार चार ब्रह्मोस मिसाइलों का बैच तैयार हुआ था और अब इनकी सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। यह सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 80 से 100 मिसाइलों तक है।

ब्रह्मोस मिसाइल की खासियत इसे बेहद खतरनाक बनाती है। यह एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जो आवाज की गति से कई गुना तेज उड़ती है और दुश्मन को प्रतिक्रिया का मौका नहीं देती। इसे जमीन, समुद्र और हवा—तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे Indian Army, Indian Navy और Indian Air Force तीनों को बड़ा सामरिक फायदा मिलता है।

पहले इसका उत्पादन मुख्य रूप से Hyderabad में होता था, लेकिन लखनऊ प्लांट शुरू होने से उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। इससे न केवल मिसाइलों की तेजी से आपूर्ति होगी, बल्कि सप्लाई चेन भी मजबूत होगी।

सरकार का फोकस ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर साफ नजर आ रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल में अब करीब 70% लोकल कंटेंट इस्तेमाल हो रहा है, जो पहले काफी कम था। इसका मतलब है कि भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी निर्भरता तेजी से कम कर रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन ₹1.5 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 2025-26 में रक्षा निर्यात ₹38,000 करोड़ के पार जा चुका है। इससे साफ है कि भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को रक्षा उपकरण निर्यात करने वाला देश बन रहा है।