KGMU : KGMU में 50 दिन में तीसरा यौन शोषण मामला, संस्थान पर फिर उठे सवाल
Munesh Kumar Shukla Thu, Feb 12, 2026
KGMU में एक बार फिर छेड़छाड़ और यौन शोषण का मामला सामने आया है। यह 50 दिन में तीसरा केस है। अब पीडियाट्रिक विभाग की एमडी की छात्रा (रेजिडेंट डॉक्टर) ने विभाग के एडिशनल प्रोफेसर पर सेक्सुअल हरैसमेंट करने का आरोप लगाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए विशाखा भी गठित कर दी गई है। इस बीच आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को सस्पेंड भी कर दिया गया है। KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि घटना सामने आने के बाद आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है। विभाग में डॉक्टर की एंट्री करने पर रोक लगा दी गई है। KGMU प्रशासन पूरे मामले की सच्चाई का पता लगा रहा है। दोषी को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता डॉक्टर (एमडी छात्रा) ने 11 फरवरी को शिकायत की थी। शिकायत के तुरंत बाद KGMU प्रशासन ने विशाखा कमेटी गठित की। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। विशाखा कमेटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया। बाल रोग विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर अभद्रता का इल्जाम लगाया है। साथ ही मोबाइल पर संदेश भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने परिवारीजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की। शिकायत के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने 7 सदस्यीय विशाखा कमेटी को मामले की जांच के आदेश दिए। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। आरोपी एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की। कमेटी को शुरुआती जांच में पीड़िता के आरोप सही मिले हैं। लिहाजा केजीएमयू प्रशासन ने एडिशन प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
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