पाकिस्तान में रोटी पर संकट! : रावलपिंडी-इस्लामाबाद में बंद हुईं ४० फीसदी आटा मिलें
Munesh Kumar Shukla Fri, May 22, 2026
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और अब इसका असर आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। रावलपिंडी और इस्लामाबाद क्षेत्र में आटा मिल उद्योग भारी वित्तीय दबाव में है, जिसके चलते लगभग ४० फीसदी आटा मिलें बंद हो चुकी हैं। इससे न केवल आटे की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, बल्कि हजारों लोगों की नौकरियों पर भी खतरा मंडराने लगा है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आटा मिल मालिक लगातार बढ़ते घाटे, महंगे गेहूं और सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उनका आरोप है कि पंजाब सरकार का वितरण तंत्र पूरी तरह असंतुलित हो चुका है, जिससे मिलों को पर्याप्त मात्रा में गेहूं नहीं मिल पा रहा। दूसरी तरफ बिजली, ईंधन और परिवहन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उत्पादन करना मुश्किल होता जा रहा है।
मिल मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत राहत नहीं दी तो और भी मिलें बंद हो सकती हैं। इससे बाजार में आटे की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और आम लोगों के लिए रोटी जुटाना मुश्किल हो सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में खाद्य संकट सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
इस संकट का असर मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। कई मिलों में काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है, जबकि कुछ जगहों पर वेतन में कटौती की खबरें भी सामने आई हैं। आम नागरिकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि रोजमर्रा की जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती तो यह आर्थिक संकट सामाजिक असंतोष का कारण भी बन सकता है। फिलहाल पाकिस्तान में रोटी और रोजगार दोनों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
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