क्या टल जाएगी पश्चिम एशिया की बड़ी जंग? : ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच पाकिस्तान का ‘मिशन तेहरान’,
Munesh Kumar Shukla Fri, May 22, 2026
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान अचानक एक अहम कूटनीतिक खिलाड़ी बनकर उभरा है। अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी तनातनी अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर छोटी पहल भी बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। इसी बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को लेकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुनीर गुरुवार को ईरान पहुंच सकते हैं, जहां वे शीर्ष नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बैकडोर चैनल के रूप में काम कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को कुछ महत्वपूर्ण संदेश भेजे गए हैं। दूसरी तरफ, ईरान भी सीधे टकराव से बचने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है। इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी एक सप्ताह में दूसरी बार तेहरान जाकर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की है। इससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस समय इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच भरोसेमंद मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में दिए गए सख्त अल्टीमेटम के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ा रहा है, जबकि ईरान अपनी शर्तों पर समझौता चाहता है। ऐसे में पाकिस्तान की यह पहल पश्चिम एशिया में संभावित युद्ध को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संवाद सफल होता है तो आने वाले दिनों में युद्ध की आशंकाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान में होने वाली इस महत्वपूर्ण मुलाकात पर टिकी हुई है।
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