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दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्ट संकट! : कैब-ऑटो हड़ताल से तीन दिन तक थमेगी रफ्तार

Munesh Kumar Shukla Fri, May 22, 2026

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार से शुरू हुई तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल ने लाखों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कई अन्य व्यावसायिक वाहन सड़कों से गायब नजर आए, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह हड़ताल दिल्ली सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर बढ़ाने के फैसले के विरोध में की जा रही है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशंस समेत 68 से ज्यादा परिवहन संगठनों ने इस चक्का जाम का समर्थन किया है। परिवहन यूनियनों का कहना है कि सरकार का नया टैक्स ढांचा पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे ड्राइवरों और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उनका आरोप है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और रखरखाव खर्च के बीच यह फैसला परिवहन कारोबार को और कमजोर कर देगा।

हड़ताल का असर सबसे ज्यादा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में देखा जा रहा है। कई जगहों पर यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी, जबकि मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर भीड़ बढ़ गई। निजी कैब सेवाओं के किराए में भी अचानक उछाल देखने को मिला है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारियों को समय पर वाहन नहीं मिल पाने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सरकार की ओर से अब तक कोई बड़ा समाधान सामने नहीं आया है, लेकिन परिवहन विभाग लगातार यूनियनों के संपर्क में है। यदि जल्द समझौता नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में राजधानी की यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। फिलहाल लोगों को अगले तीन दिनों तक यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

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