राहुल गांधी को राहत : दोहरी नागरिकता केस में FIR के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक
Munesh Kumar Shukla Sat, Apr 18, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शनिवार को एक अहम फैसले में राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता मामले में एफआईआर दर्ज करने के अपने पूर्व आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ सुनवाई का मौका दिए बिना कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता।
दरअसल, एक दिन पहले हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने वर्ष 2003 में इंग्लैंड में एक कंपनी बनाते समय अपनी कथित ब्रिटिश नागरिकता की जानकारी छिपाई थी।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने पहले अपने आदेश में कहा था कि प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है, जिसकी विस्तृत जांच जरूरी है। साथ ही राज्य सरकार को यह भी अनुमति दी गई थी कि वह इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंप सकती है।
यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अगस्त 2003 में पंजीकृत कंपनी ‘बैकॉप्स लिमिटेड’ के गठन के दौरान राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया था।
इससे पहले, लखनऊ की विशेष सांसद/विधायक अदालत ने 28 जनवरी 2025 को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडे ने संबंधित दस्तावेज पेश किए, जबकि राज्य सरकार के वकील ने भी मामले की जांच की आवश्यकता पर सहमति जताई।
अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले में अगली सुनवाई तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, जिससे राहुल गांधी को फिलहाल राहत मिली है।
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