ईडी का बड़ा एक्शन! : आई-पैक फाउंडर वीनेश चंदेल गिरफ्तार
Munesh Kumar Shukla Tue, Apr 14, 2026
Delhi में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कंपनी के डायरेक्टर और फाउंडर वीनेश चंदेल को सोमवार शाम करीब 7:45 बजे गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (पीएमएलए) के तहत की गई है।
ईडी ने अपनी जांच दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, फर्जी अकाउंटिंग और खातों में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
क्या है मामला?
ईडी के मुताबिक, आई-पैक अपने डायरेक्टर्स वीनेश चंदेल, ऋषि राज सिंह और अन्य लोगों के जरिए संगठित तरीके से अवैध कमाई को पैदा करने, छिपाने और उसे वैध दिखाने में लगी हुई थी। एजेंसी का दावा है कि कंपनी ने वित्तीय लेन-देन का ऐसा जाल बनाया था, जिससे काले धन को सफेद बनाया जा सके।
जांच में बड़े खुलासे
जांच के दौरान सामने आया कि वीनेश चंदेल कंपनी के सभी अहम फैसलों का केंद्र था और वही वित्तीय व संचालन संबंधी मामलों को नियंत्रित करता था। ईडी के अनुसार, वह इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल था।
सबसे बड़ा खुलासा कंपनी के काम करने के तरीके को लेकर हुआ है। एजेंसी के अनुसार, आई-पैक पैसे को दो हिस्सों में लेती थी—एक हिस्सा बैंकिंग माध्यम (चेक या ऑनलाइन) से और दूसरा हिस्सा नकद या गैर-बैंकिंग चैनलों के जरिए।
50% चेक, बाकी कैश में लेन-देन
ईडी को मिले दस्तावेजों में “50% चेक” जैसी एंट्रियां मिली हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आधा पैसा आधिकारिक रूप से लिया जाता था, जबकि बाकी नकद में लिया जाता था ताकि उसे रिकॉर्ड में न दिखाया जाए।
एजेंसी का यह भी दावा है कि इसमें राजनीतिक दलों से मिले फंड शामिल हो सकते हैं। साथ ही, कंपनी ने कई फर्जी बिल बनाकर अलग-अलग कंपनियों से प्राप्त धन को वैध दिखाने की कोशिश की।
इन फर्जी लेन-देन के जरिए अवैध पैसे को कई स्तरों पर घुमाया गया और अंत में उसे वैध आय के रूप में सिस्टम में शामिल कर दिया गया।
इस मामले में ईडी की जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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