Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

24th May 2026

BREAKING NEWS

राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भेजी संवेदनाएं

गुमशुदगी’ पोस्टर जारी कर उठाए सवाल

दो इंजीनियर सस्पेंड; कई अधिकारियों को चेतावनी

याचिका समिति के अध्यक्ष बनाए गए

होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर बनी सहमति का दावा

राजनाथ सिंह : अगले 25-30 वर्षों में दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बनेगा भारत

Munesh Kumar Shukla Sun, May 24, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को विश्वास जताया कि आने वाले 25 से 30 वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन सकता है। महाराष्ट्र के शिरडी में एक नई गोला-बारूद निर्माण इकाई के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि अब कोई भी ताकत भारत को इस लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कभी भारत को हथियारों का बड़ा आयातक माना जाता था, लेकिन अब देश तेजी से आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की दूरदृष्टि और निजी क्षेत्र के नवाचार के मेल से भारत रक्षा निर्माण में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भूमिका को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य भी रखा। सिंह ने कहा कि निजी कंपनियां अब केवल पुर्जों की आपूर्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का निर्माण भी कर रही हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को गोला-बारूद और रक्षा स्वचालन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासनकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग बारूद निर्माण में करती थी और इसी से उसने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत किया था।

सिंह ने माना कि स्वतंत्रता के बाद देश की पारंपरिक क्षमताओं और आधुनिक रक्षा जरूरतों के बीच संतुलन नहीं बन पाया, क्योंकि लंबे समय तक निजी क्षेत्र को पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए। रक्षा क्षेत्र मुख्य रूप से सार्वजनिक उपक्रमों और आयुध कारखानों तक सीमित रहा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई बड़े सुधार किए हैं। इनमें रणनीतिक साझेदारी मॉडल लागू करना, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों में ढील देना और 5,000 से अधिक रक्षा वस्तुओं की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची तैयार करना शामिल है। इस सूची के तहत सशस्त्र बलों के लिए इन वस्तुओं की खरीद भारत में ही अनिवार्य की गई है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार युवा नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स को भी रक्षा निर्माण में आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने इस नई रक्षा विनिर्माण इकाई को भारत के रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

जरूरी खबरें