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महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम! : समर्थन के बावजूद विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

Munesh Kumar Shukla Wed, Apr 15, 2026

विपक्ष की अहम बैठक के तुरंत बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए साफ किया कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सरकार द्वारा विधेयक पेश करने के तरीके पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को दबाने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है।

इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद खरगे ने कहा कि सभी विपक्षी दल महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में हैं, लेकिन इसके साथ जो शर्तें जोड़ी गई हैं, खासकर परिसीमन, वह चिंता का विषय है। उनका कहना है कि सरकार पहले जनगणना कराए बिना और पुराने संशोधनों को लागू किए बिना इस विधेयक को आगे बढ़ा रही है, जो संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं की शक्तियों को कमजोर कर कार्यपालिका के हाथों में ज्यादा नियंत्रण देने की कोशिश कर रही है।

वहीं आईयूएमएल सांसद ई. टी. मोहम्मद बशीर ने भी परिसीमन को “जाल” बताते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पहले ही महिलाओं को आरक्षण दे सकती थी, लेकिन इसे संवैधानिक संशोधन के साथ जोड़ना एक खतरनाक कदम है। उन्होंने कहा कि यह न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने भी कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि प्रस्तावित संशोधन के जरिए संसद को जनसंख्या निर्धारण और परिसीमन का व्यापक अधिकार दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, इससे साधारण बहुमत के आधार पर सरकार पूरे देश की राजनीतिक संरचना को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे उत्तर भारत में सीटों की संख्या बढ़ेगी, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के तहत विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान है, जिसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार 2029 के आम चुनाव से पहले इसे लागू करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी।

इस पूरे मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है और आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।