Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

24th May 2026

BREAKING NEWS

राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भेजी संवेदनाएं

गुमशुदगी’ पोस्टर जारी कर उठाए सवाल

दो इंजीनियर सस्पेंड; कई अधिकारियों को चेतावनी

याचिका समिति के अध्यक्ष बनाए गए

होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर बनी सहमति का दावा

तमिलनाडु में बदले सियासी समीकरण : डीएमके-कांग्रेस गठबंधन टूटा, भाजपा ने बढ़ाए करीबी के संकेत

Munesh Kumar Shukla Sun, May 24, 2026

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण तेजी से उभर रहे हैं। संसद से लेकर तमिलनाडु विधानसभा तक इस बदलाव का असर साफ दिखाई देने लगा है।

कांग्रेस से अलग होने के बाद डीएमके ने तीखा रुख अपनाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संसद में कांग्रेस से अलग बैठने की मांग की है। भाजपा इस घटनाक्रम को अपने लिए अवसर के रूप में देख रही है और डीएमके को मुद्दा-आधारित समर्थन देने वाले दलों की श्रेणी में लाने की कोशिश कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा चाहती है कि डीएमके भविष्य में संसद में बीजद, वाईएसआरसीपी और बीआरएस की तरह कुछ अहम विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर उसका समर्थन करे। खासकर उन मामलों में जहां दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। परिसीमन विधेयक के दौरान डीएमके के 22 सांसद विपक्ष के साथ खड़े थे, लेकिन अब भाजपा नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाएं तलाश रही है। आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी भाजपा डीएमके के समर्थन की उम्मीद जता रही है।

वहीं तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के महज तीन सप्ताह बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। डीएमके के प्रमुख सहयोगी दल कांग्रेस, वीसीके और आइयूएमएल ने उससे दूरी बनाते हुए विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार का समर्थन कर दिया है।

इन तीनों दलों ने विधानसभा चुनाव में कुल 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जो सदन का लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा बनता है। वर्तमान में इन दलों के पास कुल 9 विधायक हैं और टीवीके सरकार में इनके चार मंत्री शामिल हैं।

इसके अलावा वाम दलों सीपीआई और सीपीएम ने भी सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है। इस बदलाव के बाद डीएमके की राजनीतिक स्थिति कमजोर मानी जा रही है और पार्टी अब सीमित सहयोगियों के सहारे खड़ी दिखाई दे रही है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें