: भारत का अंग्रेजी से मुक्त होना है जरूरी -हृदयनारायण दीक्षित
admin Tue, Jan 24, 2023
गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायुसेना का विशेष कमांडो दस्ता यानी गरुड़ कमांडो पहली बार लोग देख सकेंगे। यह भारतीय वायुसेना का विशेष घातक दस्ता है। दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए पहली बार गरुड़ कमांडो दस्ता 2004 के फरवरी महीने में अस्तित्व में आया था।
इनका मुख्य काम एयर असॉल्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, क्लोज प्रोटेक्शन, सर्च एंड रेसक्यू, आतंकरोधी अभियान, डायरेक्ट एक्शन, एयरफील्ड्स की सुरक्षा आदि में उपयोग होता है। सवाल यह उठता है कि यह गरुड़ कमांडो कैसे इतना खास है। दरअसल, हमारे देश में जितने भी कमांडो दस्ते हैं, उनमें सबसे लंबी ट्रेनिंग गरुड़ कमांडो फोर्स की होती है।
क्यों जरूरत महसूस हुई गरुड़ कमांडो दस्ते की?
आपको यह जानकार ताज्जुब होगा कि लगातार 72 सप्ताह तक कठिन ट्रेनिंग के दौर से गरुड़
इनका मुख्य काम एयर असॉल्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, क्लोज प्रोटेक्शन, सर्च एंड रेसक्यू, आतंकरोधी अभियान, डायरेक्ट एक्शन, एयरफील्ड्स की सुरक्षा आदि में उपयोग होता है। सवाल यह उठता है कि यह गरुड़ कमांडो कैसे इतना खास है। दरअसल, हमारे देश में जितने भी कमांडो दस्ते हैं, उनमें सबसे लंबी ट्रेनिंग गरुड़ कमांडो फोर्स की होती है।
क्यों जरूरत महसूस हुई गरुड़ कमांडो दस्ते की?
आपको यह जानकार ताज्जुब होगा कि लगातार 72 सप्ताह तक कठिन ट्रेनिंग के दौर से गरुड़
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