: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ब्रम्हलीन
admin Sun, Sep 11, 2022
आज पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ब्रह्मलीन हो गये ।
स्वामी स्वरूपानंद 99 वर्ष की आयु में हुए ब्रह्मलीन।
सनातन धर्म,हिन्दू धर्म और देश और समाज के लिए किया अतुल्य योगदान।
अचानक हृदय गति के रुक जाने से अपराह्न 3.21 पर हुए ब्रह्मलीन ।
करोडों हिन्दू धर्म के अनुयायियों और भक्तों की जुडी हुई है आस्था जिन्हे गहरा दुख पहूंचा।
स्वामी जी स्वतन्त्रता सेनानी भी रहे । रामसेतु रक्षक के रुप में आगे आए और गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करवाने का काम भी स्वामी जी ने किया ।
स्वामी जी ने रामजन्मभूमि के लिए लम्बा संघर्ष किया । गौरक्षा आन्दोलन के प्रथम सत्याग्रही भी रहे ।
स्वामी जी रामराज्य परिषद् के प्रथम अध्यक्ष रहे।स्वामी जी पाखंड के प्रबल विरोधी रहे।
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