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5 राज्यों के चुनाव में भाजपा का दबदबा : 2021 से 2026 तक सियासी विस्तार का ग्राफ चढ़ा

Munesh Kumar Shukla Wed, May 6, 2026

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत होती राजनीतिक पकड़ को एक बार फिर साबित कर दिया है। ताजा परिणामों के मुताबिक, भाजपा ने तीन राज्यों में सत्ता हासिल करने में सफलता पाई है। पश्चिम बंगाल और असम में पार्टी अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है, जबकि पुदुचेरी में वह सहयोगी दल के रूप में सत्ता में हिस्सेदारी करेगी। खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में देश की राजनीति में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ा है। अगर 2021 से 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पार्टी ने अपने विस्तार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। वर्ष 2021 में भाजपा के पास 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री थे, जबकि 6 राज्यों में वह गठबंधन सरकार का हिस्सा थी। उसी समय कांग्रेस के पास 3 राज्यों में मुख्यमंत्री और 3 राज्यों में साझेदारी थी।

2022 में भाजपा का आंकड़ा थोड़ा घटकर 11 राज्यों तक आ गया, लेकिन गठबंधन वाली स्थिति बरकरार रही। 2023 में पार्टी ने फिर बढ़त बनाई और 12 राज्यों में अपने मुख्यमंत्री बनाए, साथ ही 5 राज्यों में सहयोगियों के साथ सत्ता में रही। 2024 में भाजपा ने और विस्तार करते हुए 14 राज्यों में मुख्यमंत्री पद हासिल किया और 6 राज्यों में गठबंधन के साथ सरकार में शामिल रही, जबकि कांग्रेस की स्थिति कमजोर होकर सीमित होती चली गई।

2025 में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति में खास बदलाव नहीं आया, लेकिन 2026 तक पहुंचते-पहुंचते तस्वीर काफी बदल गई। अब भाजपा 17 राज्यों (पश्चिम बंगाल सहित) में खुद सत्ता में है और 5 राज्यों में सहयोगियों के साथ सरकार चला रही है। वहीं कांग्रेस अब केवल 4 राज्यों में अपने मुख्यमंत्री के साथ मौजूद है और सिर्फ एक राज्य में साझेदारी तक सिमट गई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने खासतौर पर हिंदी पट्टी और पूर्वी भारत में अपनी स्थिति को बेहद मजबूत किया है। हालांकि, दक्षिण भारत में पार्टी को अभी भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे। कुल मिलाकर, 2021 से 2026 तक का यह सफर भाजपा के लिए लगातार बढ़त और विस्तार का संकेत देता है, जिसने देश की सियासत को नई दिशा दी है।