: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को बड़ा झटका ।
Tue, Oct 31, 2023
उत्तर प्रदेश-
HC की लखनऊ बेंच ने की स्वामी प्रसाद मौर्य की याचिका पर की सुनवाई।
FIR-चार्जशीट ख़ारिज करने को लेकर स्वामी ने दायर की थी याचिका।
जस्टिस विद्यार्थी ने लताड़ लगाते हुये स्वामी की याचिका ख़ारिज की,कोर्ट ने श्री रामचरितमानस ग्रंथ से अभद्रता पर जमकर लताड़ा ।
: SDM बदायू सदर ने राज्यपाल को भेजा समन
Mon, Oct 30, 2023
बदायू उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बदायूं में अजब मामला सामने आया है।
एसडीएम ने एक जमीन के मामले में प्रतिवादी समेत राज्यपाल को समन जारी कर दिया।
जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को 18 अक्तूबर को एसडीएम कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया।
इस मामले में राजभवन सचिवालय ने डीएम को पत्र भेजकर आपत्ति जताई।
इस पर डीएम ने एसडीएम को चेतावनी दी है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के लोड़ा बहेड़ी निवासी चंद्रहास ने सदर तहसील के एसडीएम न्यायिक कोर्ट में एक वाद दाखिल किया था।
इसमें पीडब्लूडी व एक अन्य के साथ ही राज्यपाल को भी पक्षकार बनाया गया था।
चंद्रहास का कहना था कि उसकी चाची कटोरी देवी की कुछ जमीन रिश्तेदारों ने अपने नाम करा ली थी।
इसके बाद इस जमीन को लेखराज नाम के व्यक्ति को बेच दिया।इसी मुकदमें में एसडीएम सदर एसपी वर्मा ने राज्यपाल को समन जारी किया है ।
: मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
Mon, Oct 30, 2023
शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिली है| सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में 338 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल अस्थायी रूप से साबित हुई हो गई है|
साथ ही कहा कि 6 से 8 महीने में ट्रायल पूरा हो. अगर 6 से 8 महीने में ट्रायल पूरा नहीं होता, तो मनीष सिसोदिया दोबारा जमानत की याचिका दाखिल कर सकते हैं|
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी ने हमारे ज्यादातर सवालों का उचित जवाब नहीं दिया|
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस. वी. एन भट्टी की पीठ ने यह फैसला सुनाया है|
पीठ ने दोनों याचिकाओं पर 17 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था|
कोर्ट ने 17 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा था कि अगर दिल्ली आबकारी नीति में बदलाव के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत ‘अपराध से आय' का हिस्सा नहीं है, तो संघीय एजेंसी के लिए सिसोदिया के खिलाफ धनशोधन का आरोप साबित करना कठिन होगा|
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति 'घोटाले' में कथित भूमिका को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था| वह, उस समय से हिरासत में हैं |
ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित धनशोधन मामले में नौ मार्च को तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था|
सिसोदिया ने 28 फरवरी को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था|
उच्च न्यायालय ने 30 मई को सीबीआई मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था|
कि उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री के पद पर रहने के नाते, वह एक 'प्रभावशाली' व्यक्ति हैं तथा वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं|
उच्च न्यायालय ने धनशोधन मामले में तीन जुलाई को उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ आरोप 'बहुत गंभीर प्रकृति' के हैं |