: रिटायर्ड IAS सतेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज।
Mon, Oct 23, 2023
लखनऊ उत्तर प्रदेश
रिटायर्ड IAS सतेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज।
उत्तर प्रदेश ब्यूरोकेसी के रिटायर्ड IAS अफ़सर सतेंद्र सिंह के खिलाफ CBCID ने ग़ाज़ीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
आवास विकास परिषद की इंदिरानगर आवासी योजना में भूखंड आवंटन घोटाले के फर्जीवाड़े में इनका नाम आया है जो उस समय तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त थे।
वह 31 दिसंबर 2018 को सेवा से रिटायर्ड हो गये है ।
इनके साथ ही 4 और दोषियों के ख़िलाफ केस दर्ज हुआ है।
2020 में तत्कालीन गृह सचिव मणि प्रसाद ने पुख्ता दस्तावेज के बाद CBCID को जांच का आदेश दिया था जिसमें महिला आवंटी के भूखंड की पत्रावली को गायब कर कंस्ट्रक्शन कम्पनी को जमीन गलत तरीके से अलॉट की गयीं।
सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आशीष कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इसमें बताया गया है कि इंदिरा नगर बी-13 निवासी सविता गर्ग ने 23 सितंबर 1991 में आवास विकास परिषद की योजना में नीलामी के जरिए एक भूखंड आवंटित कराया था।
उस दौरान नेहरू एन्क्लेव निवासी कृष्णकांत मिश्रा ने आरोप लगाया था कि सविता गर्ग ने प्रीमियर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर नीलामी में भाग लिया।
वहीं सविता ने तर्क दिया था वह नीलामी में एकल रूप से शामिल थीं।
हालांकि इस संबंध में आवास विकास परिषद को कोई मूल दस्तावेज नहीं दिया गया था।
यानी कि आवास विकास परिषद को सविता या कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भागीदारी से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
इसके बावजूद आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने कृष्णकांत की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सविता का प्लॉट कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे दिया।
आवास विकास ने लापरवाही छिपाने के लिए गायब कर दी थी मूल पत्रावली।
सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर आशीष ने एफआईआर में बताया कि जब आवास विकास ने सविता का प्लॉट का कंस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित कर दिया तो सविता के पास रिकवरी का नोटिस क्यों भेजा?
इससे ऐसा लगता है कि इंदिरानगर संपत्ति प्रबंध कार्यालय के अफसरों ने अपनी लापरवाही और अनियमितता छिपाने के मूल पत्रावली गायब कर बचने की कोशिश की होगी।
इसलिए अभी इन आरोपियों के खिलाफ आगे गहन विवेचना की जरूरत है।
इंस्पेक्टर आशीष के मुताबिक सविता की शिकायत पर जांच के दौरान पता चला कि इस आवंटन की मूल पत्रावली गायब है।
इंदिरा नगर संपत्ति प्रबंध कार्यालय में साल 1999 से 2004 के बीच काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को इसकी जानकारी नहीं थी।
तमाम प्रयास करने के बाद भी इसकी मूल पत्रावली नहीं मिली।
इसी दौरान कर्मचारी सुरेश चंद्र वर्मा ने सीबीसीआईडी को बताया था कि ऑफिस से इस केस की मूल पत्रावली समेत 10 फाइलें तत्कालीन संयुक्त आवास सचिव सत्येंद्र सिंह अपने साथ ले गए थे।
बाद में उन्होंने नौ फाइलें तो वापस कर दीं, लेकिन एक फाइल नहीं मिली।
इंस्पेक्टर आशीष ने बताया कि सुरेश चंद्र वर्मा की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसके बयान को झूठ भी नहीं माना जा सकता।
साथ ही उसे पूरी तरह सत्य भी नहीं माना जा सकता।
ऐसे में इस केस की गहन विवेचना जरूरी है। फिलहाल गाजीपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
(नवीन शर्मा ब्यूरो चीफ लखनऊ)
: श्रीप्रकाश गुप्ता (IAS 2017) CDO आज़मगढ़ को विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाया गया।
Sat, Oct 21, 2023
श्रीप्रकाश गुप्ता (IAS 2017) CDO आज़मगढ़ को विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाया गया।
परीक्षित खटाना (IAS 2020) ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आगरा को CDO आज़मगढ़ बनाया गया।
महेंद्र प्रसाद (IAS 2014) अपर आयुक्त मेरठ को OSD नोएडा अथॉरिटी बनाया गया।
प्रभाकर सिंह (PCS 2021) SDM सोनभद्र गंभीर शिकायतों के बाद हटाकर SDM कुशीनगर भेजे गये ।
एक साल नौ माह की नौकरी में अपने कारनामों के चलते कई तबादलों के बाद कुशीनगर इनकी चौथी पोस्टिंग है।