उत्तराखंड : बम से उड़ाने की धमकी के बाद सतर्कता
Thu, Feb 19, 2026
बीते तीन दिनों में प्रदेश के कई न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने एहतियात बरतते हुए परिसरों में सघन चेकिंग की लेकिन गनीमत रही की कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।गौरतलब है कि बीते तीन दिनों में प्रदेश के कई न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने एहतियात बरतते हुए परिसरों में सघन चेकिंग की लेकिन गनीमत रही की कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। धमकी के बाद बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एक हाई लेवल बैठक बुलाकर न्यायालयों की सुरक्षा पुख्ता कराने और जिलों में क्यूआरटी गठित करने के निर्देश जारी किए।इनके अलावा मई दिशा निर्देश भी सुरक्षा के संबंध में दिए गए हैं। लगातार इंटेलिजेंस को भी सक्रिय रहने को कहा गया है। इसके साथ ही क्यूआरटी को त्वरित एक्शन लेने और संबंधित स्थानों पर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस मुख्यालय ने जारी किए हैं।
अमित शाह : सात मार्च को हरिद्वार आएंगे अमित शाह
Tue, Feb 17, 2026
मंगलवार को अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, गृह सचिव शैलेश बंगोली, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने अधिकारियों के साथ हरिद्वार के बैरागी कैंप का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इसके बाद मुख्य सचिव ने डामकाेठी में अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी योगेंद्र सिंह रावत, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, महानिदेशक सूचना बंसीधर तिवारी, एमडी सिडकुल सौरभ गहरवार, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध और कानून व्यवस्था धीरेंद्र सिंह गुंज्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा, अपर निर्देशक सूचना आशीष त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान आदि मौजूद रहे।
नैनीताल : नैनीताल और उत्तरकाशी की अदालतों को बम धमकी, ई-मेल में EWS रिजर्वेशन पर चेतावनी
Mon, Feb 16, 2026
सोमवार सुबह नैनीताल और उत्तरकाशी की जिला अदालतों को धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया है कि जज के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम रखे गए हैं। ई-मेल में यह भी लिखा गया है कि
तमिलनाडु में EWS आरक्षण को रोकने
की मांग पूरी की जाए।
अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और अदालतों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दोनों जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और संभावित खतरे के मद्देनजर अदालत परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि धमकी ई-मेल की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। सभी संदिग्ध स्रोतों की पहचान करने और मेल भेजने वाले की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
इस बीच, न्यायालय प्रशासन ने कर्मचारियों और न्यायाधीशों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। आम जनता से भी अनुरोध किया गया है कि वे मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्यवाही की जाती है क्योंकि अदालतों को धमकी देना सीधे न्यायिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा माना जाता है। मामले की जांच उच्च स्तर पर जारी है और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि किसी भी तरह का खतरा तुंरत निपटाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।