उत्तराखंड : सरकार ने खत्म कर दिया मदरसों से जुड़ा ये नियम
Tue, Feb 3, 2026
उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने नए कानून के तहत
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राज्य का मौजूदा
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड 31 जुलाई 2026 से समाप्त
कर दिया जाएगा। इसके बाद मदरसा बोर्ड से जुड़े सभी दायित्व और कार्य नवगठित प्राधिकरण के अधीन आ जाएंगे।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, कुमाऊं विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर
सुरजीत सिंह गांधी
को इस नए प्राधिकरण का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ कुल
आठ सदस्यों
को भी प्राधिकरण में शामिल किया गया है, जो अल्पसंख्यक शिक्षा से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
नए कानून के तहत गठित यह प्राधिकरण राज्य के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों से संबंधित सभी मामलों की निगरानी करेगा। इसके अंतर्गत संस्थानों की मान्यता, शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन, पाठ्यक्रम निर्धारण और अन्य प्रशासनिक विषय शामिल होंगे। अब तक ये सभी जिम्मेदारियां उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के पास थीं।
अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित विभागों ने नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तय समयसीमा के अनुसार,
31 जुलाई 2026 तक
मदरसा बोर्ड से जुड़े सभी कार्यों को चरणबद्ध तरीके से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। इस बदलाव के बाद उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा प्रणाली पूरी तरह एक नए प्रशासनिक ढांचे के तहत संचालित की जाएगी।
: हल्द्वानी हिंसा: विवादित जगह पर बनेगा पुलिस स्टेशन।
Mon, Feb 12, 2024
उत्तराखंड
उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में सोमवार को अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
यहां पिछले सप्ताह पुलिस-प्रशासन के द्वारा अवैध रूप से निर्मित मदरसे को ध्वस्त करने के बाद हिंसा भड़क उठी थी।
इसके साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि विवादित जगह पर अब नए थाने का निर्माण किया जाएगा।
नारी शक्ति महोत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ''हल्द्वानी के बनभूलपुरा में जिस जगह से अवैध अतिक्रमण हटाया गया, वहां पर अब पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा।
उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए हमारी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे उपद्रियों के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है।
यहां एक दशक तक राज करने वाले राजनीतिक दल ने महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया है। बस वोटबैंक और परिवारवाद को बढ़ावा दिया है।''
नैनीताल की जिला मजिस्ट्रेट वंदना सिंह ने कहा कि बनभूलपुरा में 120 हथियार लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
पुलिस उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो 8 फरवरी को हुए दंगों में शामिल थे और पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों पर हमला किया था। एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी।
इस हिंसा में पांच दंगाइयों समेत छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा, "हल्द्वानी में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।