: उन्नाव के अजेय अजीत सिंह की रहस्यमयी मौत का कब खुलेगा रहस्य?
admin Tue, Jan 31, 2023
- झारसुगुड़ा में मंत्री को निशाना बनाए जाने की भयानक वारदात के बाद मौके पर अफरातफरी के हालात पैदा हो गए. कुछ देर के लिए लोगों को समझ ही नहीं आया कि गोली चलानेवाला वाकई कोई पुलिसकर्मी था या फिर खाकी वर्दी में कोई और हमलावर ?

- एक राज्य के मंत्री सरकारी दौरे पर थे. जिस इलाके में उनका कार्यक्रम था, वहां का चौकी इंचार्ज भी उनकी सुरक्षा के इंतजामों को लेकर मुस्तैद था. तभी से सवाल है जिनका जबाब आज तक नहीं मिल पाया है।
4 सितम्बर 2004 की रात 12 बजे गोली लगती है कोतवाली उन्नाव में अरविंद कुमार द्वारा अपराध संख्या 1135/2004 धारा 147,148,149,306 ipc के तहत रमेश कालिया सहित एक पूर्व बाहुबली विधायक सहित तीन अज्ञात लोगों के नाम मुकदमा 5 सितम्बर को लिखा गया ।उसके बाद इसी दिन इसी मुकदमें मे 302 की धारा तरमीम की गई ।इस घटना में नामजद अभियुक्तों को मौके पर आकर गोली मारते हुये दिखाया गया ।8/9/2004 को इस मुकदमें की जांच सी बी सी आई डी को चली गई ।सी बी सी आई डी द्वारा गठित टीम में उप पुलिस अधीक्षक परेश पांडेय उप पुलिस अधीक्षक श्री रामपपाटिल के नेत्रत्व में जांच शुरु की गई।
सी बी सी आई डी की जांच में गवाहों के बयानों के आधार पर fir को नकार दिया गया।और तो और उल्टे अजीत सिंह के गनर रहे संजय द्विवेदी के खिलाफ धारा 304 ipc में चार्जशीट भेज दी गई।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 5 उन्नाव में हुये ट्रायल के दौरान भी न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता के द्वारा 11/04/2007को आरोपी संजय द्विवेदी को भी दोषमुक्त करार दिया गया ।
पूरे घटना क्रम में इतनी बड़ी घटना परन्तु एक भी ब्यक्ति को न सजा हुई और न ही कुछ बड़ी कार्यवाही जो तत्कालीन ताकतवर सत्तासीन और साजिश में शामिल लोंगों की पहुंच को ही दर्शाते है।
समाजवादी पार्टी मे होने के बाद भी सरकार ने सी बी आई जांच की संतुति क्यों नहीं की?
आखिर कौन लोग थे जिन्हे सरकार बचाना चाह रही थी?
आखिर कौन था मास्टरमाईंड जिसके इशारे पर सब हुआ?
आखिर कौन था जिसको अजीत सिंह हजम नहीं हो रहे थे?
आज उत्तर प्रदेश में योगी सरकार है। केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार है ।और उन्नाव जनपद की प्रथम नागरिक शकुन सिंह है जो की अजीत सिंह की पत्नी है क्या अभी हो सकती है cbi जांच?
क्या कभी खूल पायेगा अजीत सिंह की हत्या का रहस्य?
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