UPSC रिजल्ट : UPSC रिजल्ट के बाद फर्जी दावों की बाढ़ — कौन असली, कौन नकली?
Munesh Kumar Shukla Fri, Mar 13, 2026
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम 6 मार्च को घोषित हुआ। परिणाम आते ही देशभर में सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में जश्न का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर टॉपर्स की तस्वीरें, बधाइयों की पोस्ट और प्रेरणादायक कहानियां तेजी से वायरल हुईं।
लेकिन इस खुशी के माहौल के बीच कुछ चौंकाने वाले मामले भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से कम से कम चार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ लोगों ने खुद को UPSC सिविल सेवा परीक्षा में चयनित बताकर झूठा दावा किया।
इनमें से कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर या स्थानीय मीडिया को जानकारी देकर खुद को सफल उम्मीदवार बताया। लेकिन जब आधिकारिक परिणाम सूची से मिलान किया गया तो उनके नाम सूची में मौजूद नहीं पाए गए। इसके बाद इन दावों की सच्चाई सामने आ गई और सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना भी हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC जैसे प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणाम आने के बाद अक्सर कुछ लोग प्रसिद्धि पाने या सामाजिक दबाव से बचने के लिए ऐसे झूठे दावे कर देते हैं। हालांकि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मेरिट लिस्ट और रोल नंबर ही किसी उम्मीदवार के चयन का अंतिम प्रमाण होता है।
UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों और शिक्षकों ने भी इस तरह के फर्जी दावों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे असली सफल उम्मीदवारों की मेहनत और उपलब्धि पर असर पड़ता है।
इस बीच छात्रों और अभिभावकों से अपील की जा रही है कि किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित परिणाम सूची जरूर जांच लें, ताकि असली और नकली दावों के बीच फर्क साफ हो सके।
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