मुजफ्फरनगर में फैक्टरी पर छापा : 12 बंधुआ मजदूरों को कराया गया मुक्त
Munesh Kumar Shukla Thu, Jun 25, 2026
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक पेपर प्लेट निर्माण इकाई से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। यह कार्रवाई तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव स्थित एक फैक्टरी में की गई, जहां कथित तौर पर नाबालिग बच्चों सहित कई मजदूरों को अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी में बंधुआ मजदूरी कराए जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि फैक्टरी में काम कर रहे कई श्रमिकों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे और उन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें फैक्टरी परिसर से बाहर जाने की भी स्वतंत्रता नहीं थी।
मुक्त कराए गए मजदूरों में कई नाबालिग भी शामिल हैं। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि श्रमिकों को पर्याप्त भोजन, उचित वेतन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। अधिकारियों ने सभी मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है, जहां उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन ने फैक्टरी संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आज भी कई स्थानों पर आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन