शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गोरक्षा अभियान, ‘चतुरंगिणी सेना’ बनाने का एलान
Munesh Kumar Shukla Fri, Mar 13, 2026
लखनऊ के हासेमऊ स्थित एक गोशाला में गुरुवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोपूजन कर गोरक्षा के लिए अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने ‘गो प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ की शुरुआत करते हुए ‘चतुरंगिणी सेना’ बनाने का भी एलान किया।
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने अपने अनुयायियों के साथ ऋग्वेद के मंत्रों का सामूहिक जाप कराया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की चक्र मुद्रा का अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान गाय की रक्षा और समाज में उसके सम्मान को स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा, कांग्रेस या कोई भी अन्य पार्टी उन्हें चुनावी मुद्दों के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकती। उनका कहना था कि वे किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि गंगा संरक्षण और गोरक्षा जैसे विषयों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल इन मुद्दों का समर्थन करना चाहे तो कर सकता है।
शंकराचार्य ने ‘चतुरंगिणी सेना’ का अर्थ समझाते हुए बताया कि यह चार प्रमुख शक्तियों पर आधारित होगी—बल, बाहुबल, धनबल और समर्पित सहयोगियों का बल। इसके साथ ही चारों वेदों की प्रेरणा, चार प्रमुख संप्रदायों का सहयोग और चार पीठों का समर्थन भी इस अभियान की ताकत बनेगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में साधु-संतों के साथ आम लोग भी शामिल होंगे। गाय को नुकसान पहुंचाने वालों को उन्होंने ‘वृत्रासुर’ की संज्ञा देते हुए कहा कि कसाईखाने चलाने वाले, गायों को वहां ले जाने वाले और इस पर चुप रहने वाले लोग भी उसी श्रेणी में आते हैं।
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