Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

28th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

लखनऊ विश्वविद्यालय : मेस के दूषित भोजन से छात्रा बीमार, प्रदर्शन कर रही छात्राओं की मांगें जारी

Munesh Kumar Shukla Fri, Feb 27, 2026

लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस में गुरुवार सुबह मेस का खाना खाने से एक और छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। बीमार छात्रा को तुरंत मेडिकल हेल्प प्रदान की गई। घटना के बाद कुलपति और प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और छात्राओं से स्थिति को समझने का प्रयास किया।बीमार छात्रा, गंगा हॉस्टल में रहने वाली BBA की छात्रा कशिश, मेस का भोजन खाने के बाद अचानक बीमार हो गई। स्थिति गंभीर होने पर उसे डॉक्टर से कंसल्टेशन के लिए ले जाया गया। इस घटना के बाद आक्रोशित छात्राओं ने मेस में ताला लगा दिया और कुलपति के आने तक उसे खोलने से मना कर दिया। छात्राओं का कहना था कि वे प्रोवोस्ट को हटाने की मांग पर अड़ी हुई हैं।हॉस्टल प्रशासन छात्राओं की नाराजगी को देख बैकफुट पर आ गया। गुरुवार सुबह का नाश्ता मेस में तैयार नहीं किया गया। कुछ देर बाद कुलपति प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं छात्राओं से वार्ता की और उनका विश्वास जीतकर मेस का ताला खोला गया। इसके बाद लंच तैयार किया गया।घटना के बाद कुलपति ने कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा को निर्देश दिए कि मेस संचालक को नोटिस जारी किया जाए। छात्राओं ने अपनी शिकायतें लिखकर दर्ज कराई। कुलपति ने समस्या की गंभीरता को देखते हुए डीन लॉ फैकल्टी को भी निर्देश दिए कि वे बुधवार को धरना प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान निकालने का प्रयास करें।इस पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्राओं के बीच तनातनी बढ़ गई है। छात्राओं का कहना है कि मेस में बार-बार दूषित भोजन दिया जा रहा है और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। कुलपति ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समस्या का त्वरित समाधान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया।विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में यह घटना छात्राओं और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर छात्राएं सतर्क हैं और प्रशासन को भी तत्काल कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया है। अब यह देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं की मांगों और मेस की गुणवत्ता सुधारने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।