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सिंगापुर : सिंगापुर में बनेगा नया हिंदू मंदिर, यिशुन में गुरुवायूरप्पन-अय्यप्पन मंदिर के लिए जमीन आवंटित

Munesh Kumar Shukla Thu, Apr 2, 2026

सिंगापुर सरकार ने देश में हिंदू समुदाय की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नए हिंदू मंदिर के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की है। यह मंदिर यिशुन एवेन्यू 3 इलाके में बनाया जाएगा और इसका नाम श्री गुरुवायूरप्पन अय्यप्पन मंदिर (SGAT) होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर का निर्माण कार्य इस साल अगस्त या सितंबर तक शुरू होने की संभावना है।

यह सिंगापुर का 25वां हिंदू मंदिर होगा। इससे पहले साल 2006 में अरुल्मिगु वेलमुरुगन ज्ञानमुनिश्वरर मंदिर का निर्माण किया गया था। नए मंदिर में भगवान गुरुवायूरप्पन (भगवान कृष्ण का स्वरूप) और भगवान अय्यप्पा की पूजा होगी। खास बात यह है कि सिंगापुर में अब तक इन दोनों देवताओं को समर्पित कोई अलग मंदिर नहीं है।

मंदिर में केरल से पुजारियों को बुलाने की योजना है, जिनमें सबरीमला मंदिर से जुड़े पुजारी भी शामिल हो सकते हैं। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो सबरीमला यात्रा की तैयारी करते हैं।

28 मार्च को इस परियोजना की जानकारी देते हुए संस्कृति, समुदाय और युवा मामलों के राज्य मंत्री दिनेश वासु दास ने कहा कि सिंगापुर के उत्तरी हिस्से में भारतीय मूल के लोगों की संख्या अधिक है, इसलिए यह मंदिर वहां के निवासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने बताया कि यहां अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की जा सकेगी और यह स्थान आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।

सिंगापुर के गृह मंत्री के. शणमुगम ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह लंबे समय से मलयाली समुदाय की मांग थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर से न केवल मलयाली बल्कि तमिल, उत्तर भारतीय और अन्य हिंदू समुदायों को भी लाभ मिलेगा।

मंदिर की डिजाइन केरल की पारंपरिक शैली पर आधारित होगी, जो ऊंचे गोपुरम वाले मंदिरों से अलग होगी और प्राकृतिक हवा के बेहतर प्रवाह को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में मल्टी-पर्पस हॉल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए विशेष स्थान भी होगा।

करीब 60 लाख की आबादी वाले सिंगापुर में भारतीय मूल के लोग लगभग 7 प्रतिशत हैं, जबकि चीनी मूल के लोग 75 प्रतिशत और मलय समुदाय करीब 15 प्रतिशत है। यह नया मंदिर वहां के हिंदू समुदाय के लिए आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।