Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

24th October 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

NATO देशों की ‘Naughty-Nice’ सूची पर विवाद : ट्रंप प्रशासन का सहयोगियों पर सख्त रुख

Munesh Kumar Shukla Fri, Apr 24, 2026

वाशिंगटन से सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस ने NATO सदस्य देशों की एक ‘नॉटी और नाइस’ (Naughty and Nice) सूची तैयार की है। पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सूची उन सहयोगी देशों का मूल्यांकन करने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने ईरान से जुड़े संघर्ष के दौरान अमेरिका के रुख का कितना समर्थन किया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस पहल पर काम NATO महासचिव मार्क रुटे की वाशिंगटन यात्रा से पहले ही शुरू कर दिया गया था। ‘नॉटी और नाइस’ सूची के जरिए सदस्य देशों को उनके रक्षा खर्च, सामरिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अमेरिका के साथ खड़े होने के आधार पर वर्गीकृत किया जा रहा है।

यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के उस कड़े रुख को दर्शाता है, जिसमें वे लगातार NATO सहयोगियों को रक्षा खर्च बढ़ाने और अमेरिकी नीतियों के समर्थन के लिए दबाव बनाते रहे हैं। माना जा रहा है कि जो देश अमेरिका की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें कूटनीतिक या रणनीतिक स्तर पर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जो देश सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं—जैसे इजरायल, दक्षिण कोरिया, पोलैंड, जर्मनी और बाल्टिक देश—उन्हें विशेष समर्थन मिलेगा। वहीं, जो देश सामूहिक सुरक्षा में योगदान नहीं देंगे, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा सकता है।

व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान कई देशों ने अपेक्षित समर्थन नहीं दिया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस बात को ध्यान में रखेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से अमेरिका और यूरोपीय NATO देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है, जिससे ट्रांस-अटलांटिक संबंधों पर असर पड़ने की आशंका है।