बंगाल चुनाव के पहले चरण में हिंसा : कई जिलों में झड़प, तोड़फोड़ और हंगामे की घटनाएं
Munesh Kumar Shukla Fri, Apr 24, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान जहां एक ओर मतदाताओं में उत्साह देखा गया, वहीं दूसरी ओर कई जिलों से हिंसा, झड़प और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलीगुड़ी और मालदा सहित कई क्षेत्रों में हालात तनावपूर्ण बने रहे।
मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में AJUP प्रमुख और रेजीनगर सीट से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला किया गया। उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी पर लाठी और ईंटों से हमला किया, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस और AJUP समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। घटना के बाद कबीर ने पुलिस प्रशासन से बहस करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
कूचबिहार के तूफानगंज में मतदान के दौरान भारी भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद केंद्रीय बलों (CAPF) को लाठीचार्ज करना पड़ा। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे थे। वहीं दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमला किए जाने का मामला सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट की।
मालदा के मोथाबाड़ी क्षेत्र में EVM खराब होने पर मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बालुआचारा हाई स्कूल बूथ पर चुनाव अधिकारी के देर से पहुंचने पर लोगों ने उन्हें घेर लिया और धक्का-मुक्की की। इसी जिले के हरिश्चंद्रपुर में TMC के दो गुटों के बीच टकराव हुआ, जहां पार्टी के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। स्थानीय नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
सिलीगुड़ी में एक मतदान केंद्र पर TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद BJP उम्मीदवार शंकर घोष के सामने हालात बिगड़े, हालांकि CAPF जवानों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
इस बीच आसनसोल उत्तर से TMC उम्मीदवार मलय घटक ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले बाहरी राज्यों से लोगों को विशेष ट्रेनों के जरिए लाया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की है। वहीं जामुड़िया क्षेत्र में एक वाहन से EVM मिलने के आरोपों ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
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