खावड़ा परियोजना से भारत को मिलेगी नई ऊर्जा : अदाणी समूह का बड़ा लक्ष्य
Munesh Kumar Shukla Sat, Jun 20, 2026
गुजरात के कच्छ जिले में स्थित खावड़ा क्षेत्र में विकसित किया जा रहा विशाल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क भारत की ऊर्जा क्रांति का नया प्रतीक बनता जा रहा है। अदाणी समूह ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 37 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह परियोजना पूरी होने पर दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बन सकती है।
खावड़ा परियोजना में सौर और पवन ऊर्जा दोनों का उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी क्षमता का ऊर्जा पार्क भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में पहुंचा सकता है। सरकार भी वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विशेष महत्व दे रही है।
अदाणी समूह का कहना है कि इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी। कंपनी के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर निवेश के माध्यम से यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश के लिए स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए इस प्रकार की परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हालांकि कुछ पर्यावरणविदों ने इतनी विशाल परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभावों के मूल्यांकन की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
फिलहाल खावड़ा परियोजना को भारत के हरित ऊर्जा मिशन का एक प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल हो जाता है तो भारत वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकता है।
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