Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

5th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

अवैध घुसपैठ पर कड़ा प्रहार : सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई सख्ती

Munesh Kumar Shukla Sat, Jun 20, 2026

भारत की सीमाओं पर अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान तेज कर दिया है। हाल के दिनों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य एजेंसियों ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों तथा रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर निगरानी बढ़ाए जाने के कारण कई लोग भारत और पड़ोसी देशों की सीमा के बीच स्थित 'नो मैन्स लैंड' क्षेत्र में फंस गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमाओं पर निगरानी को और मजबूत किया गया है। आधुनिक तकनीकों, ड्रोन, थर्मल कैमरों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से सीमावर्ती इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सरकार का कहना है कि अवैध घुसपैठ केवल जनसंख्या संबंधी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय भी है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कुछ मामलों में अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के आपराधिक गतिविधियों और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े होने की आशंका भी रहती है। इसी कारण सीमा प्रबंधन को और सख्त बनाया जा रहा है।

हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कार्रवाई करते समय मानवीय पहलुओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के मामलों में। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी संबंधित देशों से बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने पर जोर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवैध प्रवासन का मुद्दा आने वाले समय में भी राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण बना रहेगा। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर चौकसी बढ़ाने और अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।