टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार : दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को दी मंजूरी
Munesh Kumar Shukla Sat, Jun 20, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक और बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंधों को बरकरार रखते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग यदि गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो सरकार को सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार असीमित नहीं है और इसका दुरुपयोग रोकना भी उतना ही आवश्यक है।
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि हाल के वर्षों में कई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने, साइबर ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं और आपराधिक गतिविधियों के संचालन में टेलीग्राम के कुछ चैनलों और समूहों का इस्तेमाल किया गया। विशेष रूप से NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में भी टेलीग्राम के कई चैनलों की भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद सरकार ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि किसी एक मंच का दुरुपयोग होने के कारण पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि लाखों छात्र, शिक्षक और व्यवसायी टेलीग्राम का उपयोग शैक्षणिक और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। हालांकि, अदालत ने माना कि यदि किसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही हो, तो सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को उचित ठहराया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। साथ ही, इससे अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर भी अपनी नीतियों और निगरानी तंत्र को मजबूत करने का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, अदालत के इस निर्णय के बाद टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे।
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