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₹4,000 करोड़ के मेगा रक्षा सौदे को मंजूरी : सेना की ताकत होगी और मजबूत

Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 23, 2026

क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और सीमाओं पर बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग ₹4,000 करोड़ के मेगा रक्षा अधिग्रहण सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय के इस फैसले को भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सौदे के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए आधुनिक हथियार प्रणालियां, अत्याधुनिक निगरानी उपकरण और उन्नत ड्रोन तकनीक खरीदी जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बदलते सुरक्षा परिदृश्य और नई चुनौतियों को देखते हुए तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से सीमाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ेगी। विशेष रूप से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इस रक्षा सौदे की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि इसका बड़ा हिस्सा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत घरेलू रक्षा उद्योग को दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य रक्षा उत्पादन में स्वदेशी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना है। इससे देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेनाओं का आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्याधुनिक ड्रोन, निगरानी प्रणालियां और आधुनिक हथियार भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

विपक्षी दलों ने भी रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण की आवश्यकता को स्वीकार किया है, हालांकि कुछ नेताओं ने रक्षा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी खरीद प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप की जाएंगी। माना जा रहा है कि इस सौदे से भारत की सामरिक क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।