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राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासत तेज : केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की

Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 23, 2026

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। केजरीवाल ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया है, इसलिए चंदे से जुड़े सभी पहलुओं में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह आगामी दिनों में अयोध्या का दौरा कर स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों से मुलाकात करेंगे।

दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट और भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर निर्माण से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राम मंदिर देश की आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए इस पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। विपक्ष जहां पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बता रही है।

इस विवाद के बीच अयोध्या और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब विभिन्न राजनीतिक दल इस पर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।