जोधपुर में चिकित्सा लापरवाही का मामला : प्रसव के बाद आठ महिलाओं की हालत गंभीर
Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 23, 2026
राजस्थान के जोधपुर स्थित एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद आठ महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सभी महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) हुआ था, जिसके कुछ समय बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। मरीजों को तत्काल गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कर विशेष निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई दवाओं, इंजेक्शन अथवा ग्लूकोज ड्रिप में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले कोटा और बीकानेर के अस्पतालों से भी इसी प्रकार के मामले सामने आने के कारण विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक उच्च स्तरीय टीम को जांच के लिए जोधपुर भेजा है। यह टीम दवाओं के नमूनों, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जांच करेगी। साथ ही संबंधित चिकित्सा अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद मरीजों के परिजनों में नाराजगी देखी गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
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