कर्नाटक की गारंटी योजनाएं जारी रहेंगी : फर्जीवाड़ा रोकने को सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू: डीके शिवकुमार
Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 16, 2026
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाएं बंद नहीं की जाएंगी और उनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया लागू की जा रही है।
सोमवार को गारंटी योजनाओं की समीक्षा के दौरान शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की आलोचना करना है, लेकिन सरकार जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कई ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है जिन्हें पिछली सरकारें प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकीं।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में योजनाओं का गलत इस्तेमाल सामने आया है। इनमें गलत तस्वीरें अपलोड करना, फर्जी मोबाइल नंबरों का उपयोग करना और लाभ राशि को गलत बैंक खातों में भेजना शामिल है। शिवकुमार ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक योजना का लाभ सीधे सही और पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाएं केवल कर्नाटक के निवासियों और मतदाताओं के लिए हैं। दूसरे राज्यों के लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका लाभ भी केवल कर्नाटक की पात्र महिलाओं और निवासियों तक सीमित रहेगा, ताकि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।
शिवकुमार ने बताया कि लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन को आसान बनाने के लिए एक नई प्रमाणीकरण प्रणाली विकसित की जा रही है। इसके तहत कार्ड आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे बस यात्रा सहित अन्य योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।
उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार गारंटी योजनाओं को समाप्त करने की तैयारी कर रही है। शिवकुमार ने कहा कि ये योजनाएं सरकार की प्रमुख कल्याणकारी पहल हैं और महिलाओं के सशक्तिकरण, परिवारों की आर्थिक सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही सरकार ने इन योजनाओं के नाम पर होने वाले फर्जी ऋण और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए हैं।
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