रेवंत रेड्डी का बीजेपी को पलटवार, बोले : पहले मोदी दें इस्तीफा, फिर मैं और मेरी कैबिनेट छोड़ेंगे पद
Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 16, 2026
तेलंगाना की राजनीति में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। राज्य विधानसभा भंग कर नए जनादेश की मांग को लेकर शुरू हुए विवाद ने अब केंद्र और राज्य सरकारों की वैधता पर बहस का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीजेपी की चुनौती का जवाब देते हुए कहा कि वह अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद छोड़कर केंद्र सरकार भंग करनी होगी।
रेड्डी ने कहा कि राजनीतिक चुनौतियां एकतरफा नहीं हो सकतीं और सभी दलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है और उसे सत्ता में बने रहने के लिए किसी अन्य दल के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के जनादेश के आधार पर काम कर रही है, जबकि केंद्र की बीजेपी नीत सरकार कई सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के पास पूर्ण और स्पष्ट जनादेश नहीं है, इसलिए उसे पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा देकर केंद्र सरकार को भंग करते हैं, तो वह भी अपनी कैबिनेट के साथ इस्तीफा देने में कोई संकोच नहीं करेंगे।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी सांसद एम. रघुनंदन राव ने कांग्रेस सरकार पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को विधानसभा भंग कर दोबारा जनता के बीच जाने की चुनौती दी। राव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता पर भरोसा है, तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देकर नए चुनाव कराने चाहिए।
बीजेपी सांसद ने यह भी दावा किया कि पार्टी के सभी आठ सांसद अपने पदों से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। दोनों दल अब जनादेश, बहुमत और राजनीतिक नैतिकता के मुद्दों पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद तेलंगाना की राजनीति में और अधिक गर्माहट ला सकता है।
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