दिल्ली : लॉन्च हुआ 14 अंकों वाला ‘भू-आधार’ दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा डिजिटल पहचान कार्ड
Munesh Kumar Shukla Sun, Feb 15, 2026
दिल्ली, टीवी भारतवर्ष
राजधानी दिल्ली में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली में हर भूखंड का ‘आधार कार्ड’ तैयार किया जाएगा। इस नई प्रणाली के तहत प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी, जिसे यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) कहा जाएगा। इसे राजधानी के भूमि प्रशासन और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।नई डिजिटल प्रणाली का नाम ‘भू-आधार’ रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों को कम करना, रिकॉर्ड को व्यवस्थित और सुरक्षित रखना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि भूमि विवाद और गड़बड़ियों के खिलाफ एक मजबूत डिजिटल हथियार है। भूमि लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने के लिए यह कदम अत्यंत जरूरी है।भू-आधार के माध्यम से हर भूखंड का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रूप से रखा जाएगा। इससे जमीन की खरीद, बिक्री और अन्य लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड के चलते गलत दस्तावेजीकरण और नकली लेन-देन पर रोक लगाई जा सकेगी। भविष्य में भूमि से जुड़े सभी डेटा का केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध होगा, जिससे सरकारी और निजी दोनों स्तर पर भू-लेन-देन की प्रक्रिया आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगी।मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली न केवल नागरिकों को सुविधा देगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी और सटीक बनाएगी।
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