AAP में बड़ा सियासी विवाद : राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया
Munesh Kumar Shukla Fri, Apr 3, 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने राज्यसभा में अपने उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटा दिया है, जिसके बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। चड्ढा ने कहा कि वे हमेशा संसद में आम आदमी से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं, और यह समझ से परे है कि इससे किसी को क्या परेशानी हो सकती है।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार न समझा जाए, मैं वो दरिया हूं जो सैलाब ला सकता हूं।”
चड्ढा के इस बयान को सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल के लिए चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के अंदर यह माना जा रहा है कि यह फैसला शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अशोक मित्तल को नया डिप्टी लीडर बनाने की सिफारिश की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जो बोलने का समय पहले राघव चड्ढा को दिया जाता था, वह अब अशोक मित्तल को दिया जाए। पार्टी ने इस बदलाव को “रूटीन प्रक्रिया” बताया है।
अपने वीडियो में राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि उन्होंने हाल के महीनों में मोबाइल डेटा की कीमत, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, एयरपोर्ट पर महंगे खाने और डिलीवरी बॉय जैसे मुद्दे संसद में उठाए, जिन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये मुद्दे आम जनता के हित में थे, तो फिर पार्टी को इससे क्या दिक्कत हो सकती है। चड्ढा ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को लिखकर उनका बोलने का समय कम करने की कोशिश की।
अंत में राघव चड्ढा ने शायराना अंदाज में वापसी का संकेत देते हुए कहा कि वे जल्द ही मजबूती के साथ लौटेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने AAP के भीतर संभावित मतभेदों को उजागर कर दिया है, जिससे आने वाले समय में पार्टी की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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