तहसील बीघापुर में RO के नाम पर : तहसील बीघापुर में RO के नाम पर बिक रहा बोरिंग का पानी
Munesh Kumar Shukla Sat, Mar 29, 2025
बीघापुर उन्नाव
तहसील बीघापुर में RO के नाम पर बेचा जा रहा है बोरिंग का पानी ।

तहसील परिसर में हो रही है सप्लाई।
सभी सरकारी कर्मचारी और वकीलों
सहित आम आदमी भी रहा है यह पानी ।

जिम्मेदार अधिकारी और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को नहीं है इसकी परवाह ।

तहसील में एसडीएम कार्यालय तहसीलदार कार्यालय और सीओ चकबंदी विभाग,रजिस्ट्री ऑफिस सहित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भी है कार्यालय ।
इतने जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे कैसे बिक रहा है फर्जी पानी ?एक बड़ा सवाल ?
किसके संरक्षण में हो रहा है दूषित पानी का कारोबार ?
क्या कहता है कानून ?
RO पानी विक्रय के लिए आवश्यक है निम्नलिखित अनुमति और लाइसेंस ।
भारत में RO (Reverse
Osmosis) पानी के व्यापार के लिए कुछ महत्वपूर्ण लाइसेंस और नियमों का पालन करना आवश्यक है। अगर आप RO पानी प्लांट स्थापित करके पानी बेचने की योजना बना रहे हैं, तो आपको निम्नलिखित लाइसेंस और अनुमतियाँ लेनी होंगी:
1. BIS (Bureau of Indian Standards) Certification – ISI Mark
क्यों जरूरी है? यदि आप पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर (bottled water) बेचना चाहते हैं, तो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से ISI मार्क लेना अनिवार्य है।
मानक: IS 14543:2016 (Packaged Drinking Water)
प्रक्रिया: BIS ऑफिस में आवेदन करें, प्लांट का निरीक्षण होगा, और अगर गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है, तो लाइसेंस जारी किया जाएगा।
2. FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) License
क्यों जरूरी है? RO पानी खाद्य पदार्थ के अंतर्गत आता है, इसलिए FSSAI लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
प्रक्रिया:
FSSAI पोर्टल (https://foscos.fssai.gov.in/) पर आवेदन करें।
छोटे व्यवसाय के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन और बड़े व्यवसाय के लिए FSSAI लाइसेंस जरूरी है।
पानी की शुद्धता और गुणवत्ता की रिपोर्ट देनी होगी।
3. CPCB/SPCB से पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance from CPCB/SPCB)
क्यों जरूरी है? पानी का दोहन (groundwater extraction) और डिस्चार्ज (wastewater discharge) पर्यावरणीय नियमों के तहत आता है
प्रक्रिया:
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) से मंजूरी लेनी होगी।
प्लांट से निकलने वाले वेस्ट मैनेजमेंट के लिए अनुमति लेनी होगी।
4. CGWA (Central Ground Water Authority) से अनुमति (यदि बोरवेल का उपयोग कर रहे हैं)
क्यों जरूरी है? अगर आप बोरवेल से पानी निकालकर RO प्लांट में उपयोग कर रहे हैं, तो CGWA से अनुमति जरूरी होगी।
प्रक्रिया:
आवेदन CGWA की आधिकारिक वेबसाइट पर करें।
पानी की उपलब्धता और उसके उपयोग की जानकारी देनी होगी।
5. ट्रेड लाइसेंस और कंपनी रजिस्ट्रेशन
क्यों जरूरी है? पानी विक्रय के लिए स्थानीय निकाय (नगर निगम या ग्राम पंचायत) से ट्रेड लाइसेंस लेना होगा।
कंपनी के प्रकार के अनुसार रजिस्ट्रेशन:
प्राइवेट लिमिटेड, LLP, या एकल स्वामित्व (Sole Proprietorship) के रूप में रजिस्टर कर सकते हैं।
MSME पंजीकरण करवाना लाभदायक रहेगा।
6. GST रजिस्ट्रेशन (यदि सालाना टर्नओवर ₹20 लाख से अधिक हो)
क्यों जरूरी है? RO पानी की बिक्री पर GST लागू होता है, इसलिए GST नंबर लेना आवश्यक है।
प्रक्रिया:
GST पोर्टल पर आवेदन करें।
पानी विक्रय पर वर्तमान में GST 18% (HSN Code: 2201) लागू होता है।
7. जल परीक्षण प्रमाणपत्र (Water Testing Certificate)
क्यों जरूरी है? RO पानी की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए NABL प्रमाणित लैब से पानी की टेस्टिंग करानी होगी।
प्रक्रिया:
नजदीकी NABL मान्यता प्राप्त लैब से पानी की टेस्टिंग कराकर रिपोर्ट प्राप्त करें।
BIS और FSSAI को यह रिपोर्ट सबमिट करनी होगी।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
ब्रांडिंग और पैकेजिंग: यदि आप बोतलबंद पानी बेच रहे हैं, तो पैकेजिंग पर FSSAI नंबर, BIS नंबर, MRP, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, और कस्टमर केयर नंबर देना जरूरी है।
अगर आप RO पानी विक्रय व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो ऊपर बताए गए सभी लाइसेंस और अनुमतियाँ लेना अनिवार्य होगा।
यदि बिना अनुमति और लाइसेंस के RO पानी के नाम पर आप बेंच रहे है बोरिंग का पानी तो हो सकती है कानूनी कार्यवाही ।
अगर कोई व्यक्ति या कंपनी बोरिंग का पानी बिना उचित प्रक्रिया से शुद्ध किए RO पानी बताकर बेचती है, तो यह कानूनी रूप से अवैध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
1. आवश्यक अनुमति और नियम
बोरिंग का पानी बेचने के लिए निम्नलिखित अनुमति आवश्यक है:
1. CGWA (Central Ground Water Authority) से अनुमति – बोरिंग (groundwater extraction) के लिए जरूरी।
2. FSSAI लाइसेंस – अगर यह पानी पीने के लिए बेचा जा रहा है।
3. BIS प्रमाणपत्र (ISI Mark) – अगर इसे पैकaged ड्रिंकिंग वॉटर के रूप में बेचा जा रहा है।
4. SPCB/CPCB से अनुमति – पर्यावरण सुरक्षा हेतु।
5. जल परीक्षण रिपोर्ट (Water Testing Certificate) – पानी की गुणवत्ता प्रमाणित करने के लिए।
ध्यान दें: अगर आप पानी को RO फिल्टर किए बिना या बिना BIS प्रमाणन के "RO वाटर" के रूप में बेचते हैं, तो यह उपभोक्ता धोखाधड़ी मानी जाएगी।
2. अवैध रूप से बोरिंग का पानी बेचने पर कार्रवाई
अगर कोई बिना अनुमति के बोरिंग का पानी बेचता है या RO के नाम पर अशुद्ध पानी सप्लाई करता है, तो निम्नलिखित कानूनी कार्रवाई हो सकती है:
A. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act)
धारा 59: यदि पानी अशुद्ध है और इससे स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, तो 6 महीने से आजीवन कारावास और ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 63: बिना FSSAI लाइसेंस के पानी बेचने पर 6 महीने तक की जेल या ₹5 लाख तक का जुर्माना।
B. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
अगर ग्राहक को गलत जानकारी देकर RO पानी के नाम पर बोरिंग का पानी बेचा गया, तो ग्राहक उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकता है।
जुर्माना: ₹10 लाख तक का हर्जाना और जेल की सजा।
C. भारतीय दंड संहिता (IPC)
धारा 420 (धोखाधड़ी) – गलत जानकारी देकर नकली RO पानी बेचना 7 साल तक की जेल और जुर्माने का कारण बन सकता है।
धारा 269 और 270 – यदि अशुद्ध पानी के कारण कोई बीमारी फैली तो 6 महीने से 2 साल तक की सजा।
D. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
यदि बिना अनुमति के बोरिंग कर पानी बेचा जा रहा है तो ₹1 लाख तक का जुर्माना या 5 साल तक की जेल।
3. शिकायत कहां करें?
अगर कोई व्यक्ति या कंपनी बिना RO के बोरिंग का पानी बेच रही है, तो इसकी शिकायत कर सकते हैं:
1. FSSAI हेल्पलाइन – https://foscos.fssai.gov.in/
2. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB)
3. उपभोक्ता फोरम (Consumer Court)
4. स्थानीय नगर निगम/पंचायत
5. CGWA (अगर बिना अनुमति बोरिंग का पानी RO के नाम पर बेंच रहे है तो
बिना उचित लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों के बोरिंग का पानी RO के नाम पर बेचना गैरकानूनी है।
अगर कोई ऐसा कर रहा है तो FSSAI, BIS, और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
उपभोक्ता इस पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, और संबंधित विभाग जांच कर सकता है।
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