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2nd May 2026

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: राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ न्यायालय उन्नाव के केन्द्रीय हॉल में दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

 उन्नाव

माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्नाव, श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव के कुशल दिशा निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उन्नाव के द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
आज दिनांक 09.12.2023 को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश /अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्नाव, श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव द्वारा प्रातः 10:00 बजे जनपद न्यायालय उन्नाव के केन्द्रीय हॉल में दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
जिसमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री जैगम उद्दीन,पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना अधिकरणश्री नित्यानन्द श्रीनेत्र, सुश्री कुमुदनी वर्मा अध्यक्ष,स्थाई लोक अदालत, श्रीमती अल्पना सक्सेना अपर जिला जज, मो०असलम सिद्दीकी, श्रीमती ममता सिंह अपर जिला जज, श्री अनिल कुमार सेठ अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, श्री विवेकानन्द विश्वकर्मा अपर जिला जज, श्रीमती क्षिप्रा आर्या अपर जिला जज, श्रीमती स्वप्ना सिंह अपर न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम, श्रीमती पूनम-II अपर न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वितीय , श्री मनीष निगम अपर जिला जज /सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उन्नाव, श्री जयवीर सिंह नागर अपर जिला जज एफ.टी.सी., श्री रवि प्रकाश साहू अपर जिला जज एफ.टी.सी.-प्रथम, तथा अन्य सभी सम्मानित अधिकारीगण, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक,उन्नाव तथा कर्मचारीगण , पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहें।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ करते हुये जनपद न्यायाधीश महोदया द्वारा अधिक से अधिक वाद सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारित किये जाने का आह्वाहन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में जनपद न्यायालय उन्नाव के विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारीगण द्वारा जिसमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 71 वाद एवं मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों में रू. 43602000 प्रतिकर अवार्ड किया गया।
92 वैवाहिक वाद, बैंक रिकवरी 631 वाद का निस्तारण किया गया जिनमें रू. 48898016 धनराशि की अदायगी हेतु तय की गयी, विविध दीवानी 25 वाद, तथा आपराधिक शमनीय 5442 वाद ,एन.आई. एक्ट के 95 वाद, आरबीट्रेशन के 02 वाद एवं 16 अन्य वाद का निस्तारण किया गया। राजस्व के 35560 तथा अन्य प्रि-लिटिगेशन के 110 वाद का निस्तारण किया गया।
ई-चलानी यातायात के 15 वाद का निस्तारण किया गया। अन्य प्रि-लिटीगेशन वादों जिसमें विद्युत से सम्बन्धित 36628 मामलों का प्रि-लिटीगेशन के वादों का भी निस्तारण किया गया।
अन्य लघु वाद का विशेष लोक अदालत में कुल 571 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में । लगभग 79000 वादों का निस्तारण किया गया।