लखनऊ : UGC के समर्थन में सुहेलदेव आर्मी का हंगामा
Sat, Feb 7, 2026
लखनऊ में सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए यूजीसी को जल्द लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। सुहेलदेव आर्मी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने बताया- हमने अपने कार्यकर्ताओ के साथ विधानसभा के बाहर एकत्र हुए और यूजीसी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना था कि यूजीसी को तुरंत लागू किया जाए ताकि उच्च शिक्षा में समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ने और प्रदर्शन के उग्र होने की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की। पुलिस ने हालात बिगड़ने से पहले कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस वैन के जरिए ईको गार्डन भेज दिया गया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ : नगर निगम में मुर्दाबाद के नारे लगे
Sat, Feb 7, 2026
लखनऊ नगर निगम में 6 फरवरी को, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया है। इस मौके पर सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के साथ मुख्यालय पहुंचे, ताकि उनके मुद्दों को सीधे अधिकारियों के सामने रखा जा सके। इस अवसर पर मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान निकालने का प्रयास किया।इस दौरान कई लोग विभिन्न प्रकार की शिकायतें लेकर आए। सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक अवध विहार कॉलोनी की समस्या रही। इस कॉलोनी के लोगों ने नगर निगम के खिलाफ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई और ‘नगर निगम मुर्दाबाद’ तथा ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि कॉलोनी में लगातार पानी भरा हुआ है और नगर निगम उनकी शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याएं लेकर भी कई फरियादी पहुंचे। कुछ लोग अपनी दुकानों के किराये से संबंधित परेशानियों का समाधान चाहते थे। इसके अलावा, हाउस टैक्स से जुड़ी शिकायत लेकर भी एक फरियादी आया। इस फरियादी ने बताया कि वह पहले स्वयं नगर निगम में टैक्स अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी की मृत्यु को लगभग 25 साल बीत चुके हैं, फिर भी नगर निगम अब भी उनके नाम हाउस टैक्स भेज रहा है। यह स्थिति न केवल उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि नगर निगम की प्रणाली पर सवाल भी खड़े कर रही है।इस पूरे आयोजन में देखा गया कि लोगों की शिकायतें कई प्रकार की थीं, जिनमें बुनियादी समस्याएं जैसे सड़क निर्माण, जल निकासी और पानी भरना शामिल थीं, साथ ही प्रशासनिक और वित्तीय परेशानियां भी शामिल थीं, जैसे दुकान किराया और हाउस टैक्स की गलतियां। इस तरह के समाधान दिवस का उद्देश्य यही होता है कि नागरिक सीधे अपने मुद्दे अधिकारियों के सामने रख सकें और उन्हें शीघ्र और प्रभावी समाधान मिल सके।नगर निगम और अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और कई मामलों में मौके पर समाधान की कोशिश भी की। वहीं, कुछ मामलों के लिए विस्तृत जांच और औपचारिक प्रक्रिया की आवश्यकता बताई गई, जिनके निपटारे में समय लग सकता है।इस संपूर्ण समाधान दिवस से यह स्पष्ट होता है कि नगर निगम लगातार नागरिकों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने की दिशा में प्रयासरत है, और ऐसे आयोजन नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का एक अहम माध्यम हैं।
लखनऊ : SIR को लेकर विवाद, मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटने का आरोप
Thu, Feb 5, 2026
लखनऊ में मुस्लिम समुदाय के दर्जनों लोगों के नाम SIR प्रक्रिया में काटे जाने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। सरोजनीनगर क्षेत्र के फर्रूखाबाद चिल्लावां गांव के रहने वाले दशरथ कुमार नामक व्यक्ति ने फॉर्म-7 भरकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई थी। ग्रामीणों के अनुसार, दशरथ कुमार ने बीएलओ रमजान अली को आवेदन देते हुए कई लोगों को मृत या गांव का निवासी न होने का दावा किया था। बीएलओ द्वारा संबंधित लोगों को फोन कर सत्यापन किए जाने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बूथ पर पहुंचे और अपने नाम काटे जाने पर विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि दशरथ कुमार खुद चिल्लावां गांव का स्थायी निवासी नहीं है, बल्कि गांव का दामाद है और वह अधिकांश लोगों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। इसके बावजूद उसने एक ही समुदाय के लगभग 100 से अधिक लोगों के नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 जमा कर दिया, जिससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी पहले से ही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सरकार पर हमलावर है। वहीं, आजाद समाज पार्टी के मंडल अध्यक्ष मोहम्मद सुहैल ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए फॉर्म-7 देने वाले दशरथ कुमार पर सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। बताया जा रहा है कि दशरथ कुमार भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है और वह मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम एसआईआर सूची से कटवाना चाहता है। इस घटना को लेकर मुस्लिम समुदाय में भारी नाराजगी व्याप्त है। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।