लखनऊ : नगर निगम में मुर्दाबाद के नारे लगे
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 7, 2026
लखनऊ नगर निगम में 6 फरवरी को, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया है। इस मौके पर सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के साथ मुख्यालय पहुंचे, ताकि उनके मुद्दों को सीधे अधिकारियों के सामने रखा जा सके। इस अवसर पर मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान निकालने का प्रयास किया।इस दौरान कई लोग विभिन्न प्रकार की शिकायतें लेकर आए। सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक अवध विहार कॉलोनी की समस्या रही। इस कॉलोनी के लोगों ने नगर निगम के खिलाफ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई और ‘नगर निगम मुर्दाबाद’ तथा ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि कॉलोनी में लगातार पानी भरा हुआ है और नगर निगम उनकी शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याएं लेकर भी कई फरियादी पहुंचे। कुछ लोग अपनी दुकानों के किराये से संबंधित परेशानियों का समाधान चाहते थे। इसके अलावा, हाउस टैक्स से जुड़ी शिकायत लेकर भी एक फरियादी आया। इस फरियादी ने बताया कि वह पहले स्वयं नगर निगम में टैक्स अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी की मृत्यु को लगभग 25 साल बीत चुके हैं, फिर भी नगर निगम अब भी उनके नाम हाउस टैक्स भेज रहा है। यह स्थिति न केवल उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि नगर निगम की प्रणाली पर सवाल भी खड़े कर रही है।इस पूरे आयोजन में देखा गया कि लोगों की शिकायतें कई प्रकार की थीं, जिनमें बुनियादी समस्याएं जैसे सड़क निर्माण, जल निकासी और पानी भरना शामिल थीं, साथ ही प्रशासनिक और वित्तीय परेशानियां भी शामिल थीं, जैसे दुकान किराया और हाउस टैक्स की गलतियां। इस तरह के समाधान दिवस का उद्देश्य यही होता है कि नागरिक सीधे अपने मुद्दे अधिकारियों के सामने रख सकें और उन्हें शीघ्र और प्रभावी समाधान मिल सके।नगर निगम और अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और कई मामलों में मौके पर समाधान की कोशिश भी की। वहीं, कुछ मामलों के लिए विस्तृत जांच और औपचारिक प्रक्रिया की आवश्यकता बताई गई, जिनके निपटारे में समय लग सकता है।इस संपूर्ण समाधान दिवस से यह स्पष्ट होता है कि नगर निगम लगातार नागरिकों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने की दिशा में प्रयासरत है, और ऐसे आयोजन नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का एक अहम माध्यम हैं।
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