: अपूर्वा दुबे बनी उन्नाव की जिलाधिकारी
Fri, Jul 29, 2022
उन्नाव उत्तर प्रदेश
अपूर्वा दुबे बनी उन्नाव की जिलाधिकारी ।
वहीं उन्नाव जिलाधिकारी रहे रवीन्द्र कुमार को कुशीनगर का जिलाधिकारी बनाया गया।कुशीनगर में तैनात रहे जिलाधिकारी यस राजलिन्गम को वाराणसी का जिलाधिकारी बनाया गया।राजलिन्गम को प्रधानमंत्री के लोक सभा क्षेत्र का जिलाधिकारी बनाकर उनको विशेष जिम्मेदारी दी गई।वहीं जिलाधिकारी फतेहपुर रही अपूर्वा दुबे को उन्नाव का जिलाधिकारी बनाया गया।जिलाधिकारी बलरामपुर श्रुति को फतेहपुर का जिलाधिकारी बनाया गया।
: पाटन में बुलडोजर का कहर लोगों का घर के साथ साथ रोजगार भी छिना
Thu, Jul 28, 2022
पाटन उन्नाव
उन्नाव जनपद का पाटन कस्बा इस समय हिंदुस्तान में यूक्रेन की याद ताजा करा रहा है। पाटन कस्बे में उन्नाव रायबरेली हाईवे के निर्माण एवं लखनऊ से धानी खेड़ा होते हुए बक्सर जाने वाले हाईवे के निर्माण और चौड़ीकरण से जिस तरह कस्बे की दुकानें और मकानों को तोड़ा गया है उससे खंडहर ही खंडहर दिख रहे हैं ।जहां एक और क्षेत्र के विकास के लिए हाईवे और सड़कों का बनना जरूरी है वहीं दूसरी ओर पाटन कस्बे में सबसे अधिक मकान और दुकानों का ध्वस्तीकरण हुआ। कानपुर रायबरेली रोड हो या धानी खेड़ा रोड पूरा चौराहा तबाह हो गया पूरे चौराहे पर बुलडोजर ने बनी बनाई आलिशान इमारतों को मिनटों में धराशाई कर दिया जिससे स्थानीय दुकानदार और रहने वाले लोग जिनकी की रोजी रोटी इन्हीं दुकानों से चलती थी उनका रोजगार भी चला गया बहुत से परिवार बेघर हो गए उन्हें सड़क के किनारे होने के कारण मुआवजा भी नहीं मिला क्योंकि उनकी दुकानें पी डब्ल्यू डी के परिक्षेत्र में आ रही थी जिसके कारण किसी भी दुकानदार को मुआवजा नहीं मिला। मुआवजा केवल उन्हीं दुकानदारों को मिला जो अपनी भूमिधरी नंबर पर घर और दुकान बनाये थे। पाटन चौराहे में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है क्षेत्र के लोगों को पाटन कस्बे में दुकानें ढूंढने में भी दिक्कत हो रही है यह नहीं पता है कि कौन सा सामान कहां मिलेगा कौन सा दुकानदार कहां चला गया जिससे क्षेत्र के लोगों को भी बहुत कठिनाइयां हो रही हैपाटन मे चल रहा है बुलडोजर और लोंगों का छिन रहा घर और रोजगार https://youtu.be/SHRQFgph6Vc
: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से स्वतंत्रदेव सिंह ने दिया इस्तीफा
Wed, Jul 27, 2022
लखनऊ उत्तर प्रदेश
आज का दिन उत्तर प्रदेश में बड़ा उथल पुथल वाला रहा।उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष को दे दिया।वैसे तो स्वतंत्र देव सिंह के 2022 सरकार में शामिल होने के बाद से अटकले लगाई जा रही थी की प्रदेश अध्यक्ष पद का परिवर्तन सुनिश्चित है परन्तु पार्टी काफी समय से टाल रही थी।अचानक आज प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है की अब कौन होगा अगला प्रदेश अध्यक्ष।जिसके नेत्रत्व में 2024 का रण पार्टी लड़ेगी?सूत्रों का कहना है कि जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफा देने के बाद स्वतंत्रदेव पर दबाव बढ़ गया था। पार्टी के एक खेमे ने स्वतंत्रदेव को यह आरोप लगाते हुए घेरना शुरू किया था कि वह मंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इस दबाव से बचने के लिए स्वतंत्रदेव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस्तीफा दिया है।स्वतंत्रदेव के इस्तीफे के बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द होगी। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ब्राह्मण नेताओं में पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कन्नौज के सांसद एवं प्रदेश महामंत्री सुब्रत पाठक, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक प्रमुख दावेदार है। सूत्रों के मुताबिक सरकार का खेमा पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा के पक्ष में है। पार्टी के एक राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत शर्मा की पैरवी कर रहे हैं।
पिछड़े वर्ग से केशव के नाम की भी चर्चा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पिछड़े वर्ग से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी चर्चा में है। केशव के नेतृत्व में भी भाजपा ने 2017 में 325 सीटें जीतने का रिकॉर्ड बनाया था।
वहीं पिछड़े वर्ग में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी की दावेदारी है। दलित वर्ग में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में हैं। पार्टी के एक पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं आरएसएस प्रचारक उनकी पैरवी कर रहे हैं। प्रदेश महामंत्री अश्विनी त्यागी, अमरपाल मौर्य भी दावेदार है।