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कानपुर : कानपुर में दिनदहाड़े 8 लाख की लूट

Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 17, 2026

शहर के श्यामनगर क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवक से 8 लाख रुपए की लूट की खबर ने इलाके में सनसनी फैला दी। घटना श्यामनगर पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर शताब्दी उद्यान मोड़ के पास हुई। बताया गया कि चार बाइक सवार बदमाशों ने युवक पर कट्टे के बट से हमला किया और उसका बैग छीनकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी और एडीसीपी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस वारदात का वीडियो भी सामने आया, जिसमें देखा जा सकता है कि सड़क किनारे कुछ बाइक सवार युवकों पर हमला कर रहे हैं। जैसे ही आसपास लोग इकट्ठा होने लगे, बदमाश बाइक पर बैठकर फरार हो गए। हालांकि, बाद में पीड़ित ने इस लूट की घटना को झूठा बताया। श्यामनगर इलाके के रहने वाले मोहम्मद वासिद ने कहा कि बाइक टकराने के कारण चार लोगों ने उन्हें पीटा था। उन्होंने बताया कि जैसे ही आरोपी वहां से भागने लगे, उन्होंने लोगों को बताया कि लूट हुई है। वासिद ने स्पष्ट किया कि उनके साथ कोई लूट नहीं हुई और वे किसी कानूनी कार्रवाई की ओर नहीं बढ़ना चाहते। पीड़ित वासिद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने गांव की जमीन बेची थी। सोमवार को उन्होंने करीब 8 लाख रुपए सिविल लाइन के बैंक से निकाले और बाइक से घर लौट रहे थे। उनके साथ उनका दोस्त अरसद भी था।

घटना के समय करीब 6 बजे से साढ़े 6 बजे के बीच दोनों युवक श्यामनगर पुलिस चौकी से शताब्दी उद्यान की ओर बाईपास की तरफ जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने पेड़ के किनारे पेशाब करने के लिए बाइक रोकी। तभी पीछे से दो बाइकों पर सवार चार बदमाश आए। वासिद ने बताया कि उन्होंने विरोध किया, तो बदमाशों ने कट्टे के बट से उनके सिर पर हमला किया। जब वासिद लूट की घटना की जानकारी दे ही रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें अंदर की ओर ले लिया। बाद में जब पीड़ित अपने परिवार के साथ बाहर निकले, तो उन्होंने और उनके परिवार ने भी लूट की बात से इनकार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तीन बाइकों पर छह बदमाश आए थे। उन्होंने पहले दोनों युवकों को हेलमेट से पीटा और इसके बाद कट्टा निकाल लिया। इस दौरान आसपास के लोग उनकी मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। हालांकि, वासिद ने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि यह पूरी घटना एक सड़क दुर्घटना और विवाद का परिणाम थी। उनके अनुसार दो बाइक सवार चार लोगों ने उन्हें मारा, जिससे उनके सिर में चोट आई। उन्होंने साफ किया कि उनके साथ कोई लूट नहीं हुई और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की कोई इच्छा नहीं जताई। उनके साथ मौजूद अरसद खान का इलाज फिलहाल उनके हेलमेट में जारी है। यह मामला कानपुर पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। शुरुआती सूचना और वीडियो देखकर इलाके में लोगों में भय और चौंकन्नापन फैल गया था। लेकिन पीड़ित के बयान बदलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह एक गंभीर लूट की घटना नहीं थी। पुलिस ने कहा कि अब वे घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सड़क पर हुई मारपीट और टक्कर किस तरह हुई। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट और वीडियो के आधार पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और आसपास के CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में पीड़ित के बयान बदलना आम है, खासकर जब पुलिस हस्तक्षेप तत्काल होता है। कानपुर में इस मामले ने स्थानीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, श्यामनगर पुलिस चौकी के अधिकारी ने बताया कि घटना के वीडियो और स्थानीय लोगों के बयान का विश्लेषण किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संदिग्ध घटना या अपराध की जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो।