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यूपी : हरियाणा के आदेश से यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की बढ़ी चिंता, टीईटी अनिवार्यता पर सियासत

Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 17, 2026

हरियाणा सरकार के हालिया आदेश ने उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख ऐसे शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं की है। हरियाणा सरकार ने 16 फरवरी को आदेश जारी कर कहा कि राज्य के शिक्षकों को मार्च 2027 तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करनी होगी। परीक्षा पास न करने वाले शिक्षकों को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।इधर, उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। चित्रकूट से सपा विधायक अनिल प्रधान ने सरकार से पूछा कि जो शिक्षक TET पास नहीं हैं, उनके लिए क्या व्यवस्था की जा रही है। जवाब में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता को लेकर जो निर्णय आया है, वह पूरे देश में लागू है। उन्होंने बताया कि यूपी सरकार इस मामले में रिव्यू याचिका दाखिल कर चुकी है।दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को तमिलनाडु और महाराष्ट्र से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान देशभर के जूनियर हाईस्कूल तक के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने का आदेश दिया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से अधिक का समय शेष है, उन्हें टीईटी क्वालिफाई करना होगा। अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना होगा या अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी होगी। साथ ही, राज्य सरकारों को दो वर्ष के भीतर सभी शिक्षकों को टीईटी पास कराने का निर्देश दिया गया।यूपी सहित कई राज्यों ने इस आदेश के खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल की है। यह याचिका फिलहाल उसी बेंच के पास लंबित है जिसने मूल आदेश दिया था। अन्य राज्यों की कुछ याचिकाओं में कमियां बताई गई थीं, जिन्हें दूर करने के बाद एक साथ सुनवाई की संभावना है। हालांकि, कई राज्यों की रिव्यू याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी की याचिका भी खारिज हो सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो सरकार के सामने सितंबर 2027 तक टीईटी परीक्षा आयोजित कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।हरियाणा सरकार के आदेश के बाद यूपी में शिक्षक संगठनों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। लखनऊ के जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत ने बताया कि 22 से 24 फरवरी तक तीन दिन काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा। 26 फरवरी से हर जिले के बीएसए कार्यालय के बाहर धरना शुरू होगा। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रत्येक जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। मार्च के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के शिक्षक एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले 1.86 लाख शिक्षक ऐसे हैं, जो 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त हुए थे और टीईटी पास नहीं हैं।