अपराध : तहसील प्रांगण के अंदर से लगातार दूसरी बाइक चोरी, पुलिस बनी मूक दर्शक

पाटन उन्नाव। बीघापुर सर्किल बिहार थाने की पाटन पुलिस चौकी तहसील प्रांगण के अंदर होने के बावजूद भी तहसील कर्मचारियों की मोटरसाइकिलें चोरी का सिलसिला जारी पुलिस खुलासा करने में हो रही नाकाम।
बिहार थाना क्षेत्र के पाटन में बनी तहसील बीघापुर प्रांगण के अंदर बनी पुलिस चौकी व सरकारी आवास में कुछ दिन पूर्व उप जिलाधिकारी के अर्दली विजय कुमार सिंह की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। विजय सिंह चौकी से लेकर थाने, थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक की चौखट तक मोटरसाइकिल चोरी का खुलासा करने के लिए तहरीर देकर खुलासे की गुहार लगाई लेकिन खुलासा नहीं हो सका उपजिलाधिकारी न्यायालय में कई सालों से टाइपिस्ट के पद हेतु कार्य कर रहे पुत्तन बाबू प्रतिदिन को भांति रविवार को सरकारी आवास के बाहर मोटरसाइकिल खड़ा करके सोने चले गए सुबह जब उठ कर आए तो देखा कि मोटरसाइकिल गायच है। पूरे दिन मोटर साइकिल का पता लगाते रहे लेकिन कहीं अता-पता नहीं चल सका मोटरसाइकिल चोरी का प्रार्थना पत्र थाना बिहार में देकर चोरी के खुलासे की मांग की है। वहीं पूरे दिन कस्बा पाटन में प्रागंण में लगातार हो रही चोरी की चर्चा बनी रही जब तहसील प्रांगण के अंदर सरकारी आवासों से पुलिस चौकी होते हुए भी चोरों ने लगातार दो मोटरसाइकिलें उड़ा दी इससे लगता है कि पुलिस की नाकामयाबी से हौसले बुलंद है। और लगातार मोटरसाइकिल चोरियां हो रही है। वहीं जिले में तेज तर्रार के नाम पर चर्चा का विषय बने पुलिस अधीक्षक भी इन चोरियों का खुलासा कराने में नाकाम साचित हो रहे हैं। जबकि योगी सरकार का दावा है कि अपराध को ज? से मिटा देंगें लेकिन उनके अधिकारियों की वजह से वो सारे वादे
चोर मस्त
पुलिस पस्त
खोखला साबित हो रहे हैं। योगी की पुलिस का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अगर चोरी के नाम पर अज्ञात में शिकायत हो तो उसमें मुकदमा लिखकर प्रार्थों को गुमराह करते रहो वहीं पर अगर किसी ने नामजद शिकायत की तो उसमें कार्यवाही करने के नाम पर गुमराह करते रहो फिर चाहे वो बारा सगवर थाना हो या विहार थाना दोनों में एक जैसी कार्यशैली होने से क्षेत्रीय जनता को न्याय मिलना नामुमकिन हो गया है।
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