पंजाब चुनाव से पहले सियासी घमासान : भगवंत मान ने कांग्रेस पर साधा निशाना
Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 3, 2026
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी में कथित अंदरूनी कलह का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के बावजूद कांग्रेस पंजाब से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आपसी खींचतान में उलझी हुई है।
ANI से बातचीत में भगवंत मान ने दावा किया कि कांग्रेस में घबराहट का माहौल है और पार्टी की अंदरूनी लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पंजाब के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय एक-दूसरे को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। मान ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी को एक बार फिर बहुमत के साथ सत्ता में लाएगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान बठिंडा में कांग्रेस की एक जनसभा के दौरान हुए हंगामे के बाद आया है। कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी मौजूद थे। सभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगाए गए। समर्थकों ने कांग्रेस नेतृत्व से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग की।
जब राजा वडिंग ने सभा को संबोधित करना शुरू किया, तो भीड़ के एक हिस्से से चन्नी के समर्थन में लगातार नारेबाजी होने लगी। स्थिति को संभालने के लिए वडिंग ने नारे लगाने वाले एक समर्थक को मंच पर बुलाया और उसे चन्नी से फोन पर बात कराने की कोशिश की। इस दौरान सभा में कुछ लोगों के कुर्सियां उठाने की तस्वीरें भी सामने आईं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वहीं, पंजाब कांग्रेस ने पार्टी में एकता का दावा करते हुए इस तरह की घटनाओं को ज्यादा तवज्जो नहीं देने की कोशिश की है। हालांकि, चन्नी समर्थकों की ओर से उन्हें आगामी चुनाव में पार्टी का चेहरा बनाने की मांग ने कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।
इसी बीच, पंजाब विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने राज्य में कथित परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की।
विज्ञापन