NEET UG 2026 पेपर लीक केस में बड़े खुलासे : टेलीग्राम से पहुंचा पेपर; CBI ने 7 आरोपियों को किया गिरफ्तार
Munesh Kumar Shukla Fri, May 15, 2026
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब तक इस मामले में सीबीआई सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों की संख्या और बढ़ सकती है।
गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र के मांगीलाल, दिनेश और विकास शामिल हैं। इसके अलावा गुरुग्राम निवासी यश यादव, नासिक का शुभम, अहिल्या नगर का धनंजय और पुणे की मनीषा वाघमारे को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक की पूरी कड़ी मनीषा वाघमारे तक पहुंचती है, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसके पास प्रश्नपत्र कैसे पहुंचा।
सीबीआई जांच के अनुसार, पुणे की मनीषा ने पेपर अहिल्या नगर के धनंजय को दिया। धनंजय ने यह पेपर नासिक के शुभम तक पहुंचाया। इसके बाद शुभम ने गुरुग्राम के यश यादव को लीक पेपर उपलब्ध कराया। यश यादव ने आगे यह पेपर जयपुर के मांगीलाल और दिनेश तक पहुंचाया। मांगीलाल और दिनेश ने अपने बेटे विकास को पेपर दिया, जो सीकर में पढ़ाई कर रहा था। विकास ने यह पेपर अपने भाई ऋषि और अन्य दोस्तों को बेच दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि जयपुर के मांगीलाल ने अपने छोटे बेटे को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए लीक पेपर की मांग की थी। इसके लिए 10 से 12 लाख रुपये की डील तय हुई थी। मांगीलाल और यश यादव के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत हुई थी, जबकि नासिक के शुभम ने पैसे के बदले पेपर उपलब्ध कराने का वादा किया था।
सीबीआई के अनुसार, 29 अप्रैल को शुभम ने यश यादव से दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट, रोल नंबर और एक चेक सिक्योरिटी के तौर पर मांगा था। इसके बाद गुरुग्राम के यश यादव ने अपने दोस्त यश कक्कड़ को जयपुर भेजकर दस्तावेज और चेक मंगवाए।
शुभम ने दावा किया था कि वह फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 500 से 600 सवाल उपलब्ध कराएगा, जिससे अच्छे अंक लाकर बड़े मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल सकता है। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को यश यादव को टेलीग्राम के जरिए पीडीएफ फाइल में लीक प्रश्नपत्र मिला, जिसे उसने मांगीलाल को भेज दिया।
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