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CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी : ‘सोशल मीडिया पर हर किसी पर हमला करने वाले परजीवी बढ़ रहे हैं’

Munesh Kumar Shukla Fri, May 15, 2026

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ताओं को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे “परजीवी” बढ़ रहे हैं, जो सोशल मीडिया और सूचना के अधिकार (RTI) का इस्तेमाल कर हर किसी पर हमला करने लगते हैं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ एक ऐसे वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा दिए जाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील संजय दुबे को फटकार लगाई।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अदालत ने कहा, “दुनिया में कई लोग वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के योग्य हो सकते हैं, लेकिन कम से कम आप इसके हकदार नहीं हैं।”

सुनवाई के दौरान CJI ने यह भी कहा कि यदि दिल्ली हाईकोर्ट संबंधित वकील को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा देता है, तो सुप्रीम कोर्ट उस फैसले को रद्द कर देगा। उन्होंने याचिकाकर्ता के फेसबुक पोस्ट और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी नाराजगी जताई।

इसी दौरान मुख्य न्यायाधीश ने समाज में बढ़ते सोशल मीडिया एक्टिविज्म और आरटीआई के दुरुपयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा, “समाज में पहले से ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते रहते हैं और आप भी उनके साथ जुड़ना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “कई युवा ऐसे हैं जो तिलचट्टों की तरह हर जगह दिखाई देते हैं। उन्हें न रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट बन जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”

अदालत की कड़ी टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने पीठ से माफी मांगी और अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी कानून की डिग्रियों वाले वकीलों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे एक उपयुक्त मामले का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें दिल्ली के कई वकीलों की कानून की डिग्रियों की सीबीआई जांच के आदेश दिए जा सकें।