Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

22nd July 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 21-07-2026

TV Bharatvarsh E Paper 20-07-2026

TV Bharatvarsh E Paper 19-07-2026

SIT 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी अंतरिम रिपोर्ट

भारतीय नौसेना को मिला एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर

आरजी कर केस में बड़ा एक्शन : तीन IPS अधिकारी निलंबित, सुवेंदु अधिकारी बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

Munesh Kumar Shukla Fri, May 15, 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले में कथित लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखोपाध्याय के नाम शामिल हैं। नबन्ना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को रिश्वत देने की कोशिश की और बिना लिखित अनुमति के प्रेस वार्ता आयोजित की थी।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। डॉक्टरों, छात्रों और सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे।

मामले में सबूतों से छेड़छाड़, पुलिस की धीमी जांच और संस्थागत लापरवाही के आरोपों ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया था। बढ़ते दबाव और अदालत के हस्तक्षेप के बाद जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी।

इस मुद्दे को भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया। भाजपा ने पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पनिहाटी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने टीएमसी प्रत्याशी तीर्थंकर घोष को 28,836 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। आरजी कर पीड़िता को न्याय दिलाना भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।

इधर, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला करते हुए नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भले ही वे नंदीग्राम सीट छोड़ रहे हैं, लेकिन वहां के लोगों से उनका जुड़ाव हमेशा बना रहेगा।

उन्होंने कहा, “मैंने भवानीपुर से शपथ ली थी और नियमों के अनुसार मुझे एक सीट छोड़नी थी। लेकिन नंदीग्राम के लोगों को कभी यह महसूस नहीं होने दूंगा कि मैं उनसे दूर हूं। मैं लगातार वहां की हर गतिविधि पर नजर रखूंगा।”

विज्ञापन

जरूरी खबरें