रावी नदी : रावी नदी का अतिरिक्त पानी भारत में रहेगा, पाकिस्तान को रणनीतिक झटका
Munesh Kumar Shukla Wed, Feb 18, 2026
सिंधु जल संधि के निलंबन की चर्चाओं के बीच भारत ने पाकिस्तान को एक बड़ा रणनीतिक झटका देने की तैयारी पूरी कर ली है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित शाहपुर कंडी डैम का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर है, और इसके पूरा होने के बाद रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान की बजाय पूरी तरह भारत में ही रुक जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मंत्री Javed Ahmed Rana ने इस परियोजना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डैम के बनने के बाद पाकिस्तान जाने वाला पानी कठुआ और सांबा जिलों की ओर मोड़ दिया जाएगा, जो लंबे समय से सूखे से प्रभावित क्षेत्र हैं। शाहपुर कंडी डैम परियोजना की कल्पना लगभग पांच दशक पहले 1979 में रावी नदी के बहाव को नियंत्रित करने और पंजाब व जम्मू-कश्मीर में सिंचाई के लिए की गई थी। इसका शिलान्यास 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने किया था। हालांकि, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सरकारों के बीच प्रशासनिक और तकनीकी दिक्कतों के कारण डैम के निर्माण में लंबा समय लगा। 2008 में इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला, और अब 2,715.70 करोड़ रुपये के निवेश से इसे अंतिम चरण में पहुंचाया गया है। यह परियोजना पठानकोट जिले में रावी नदी पर स्थित है, रंजीत सागर डैम से 11 किमी नीचे और माधोपुर हेडवर्क्स से 8 किमी ऊपर। डैम सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। यह माधोपुर हेडवर्क्स से निकलने वाले कैनाल सिस्टम को समान पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, जिससे पंजाब में लगभग 5,000 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई संभव हो सकेगी और जम्मू-कश्मीर तथा पंजाब दोनों में खेती के लिए नियमित पानी उपलब्ध होगा।सिंचाई के अलावा, शाहपुर कंडी डैम से हर साल 1,042 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना पाकिस्तान को जाने वाले पानी की मात्रा कम करेगी और इस सीमा क्षेत्र में पर्यटन के नए अवसर पैदा करेगी। इसके साथ ही यह क्षेत्रीय आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर करने में मदद करेगा।
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