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18th February 2026

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TV Bharatvarsh E Paper 19-02-2026

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असम में कांग्रेस में उथल-पुथल, भूपेन कुमार बोराह का इस्तीफा

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असम : असम में कांग्रेस में उथल-पुथल, भूपेन कुमार बोराह का इस्तीफा

Munesh Kumar Shukla Wed, Feb 18, 2026

असम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को एक बार फिर से राजनीतिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी (APCC) अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार को पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी, जिससे राज्य में राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। उनकी घोषणा के तुरंत बाद कुछ स्थानीय पार्टी नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी से बात की और अपने फैसले पर पुनर्विचार किया था। हालांकि, हालिया घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि बोराह ने कांग्रेस से संबंध तोड़ लिया है और आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की संभावना है।भूपेन कुमार बोराह ने इस्तीफे के पीछे कई राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण बताए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अपने 32 साल समर्पित किए, लेकिन कई मौकों पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। बोराह ने कहा, "मैंने राहुल गांधी को भी इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैंने कांग्रेस को विधायक से लेकर APCC अध्यक्ष तक का पद संभाला, गठबंधन बनाए और पार्टी के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।"उन्होंने आगे कहा कि जब वे 2021 में अध्यक्ष बने, तब कांग्रेस एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन में थी, जिसे उन्होंने अपने प्रयासों से तोड़ दिया। इसके बाद इंडिया गठबंधन बनने से पहले उन्होंने 16 पार्टियों के साथ गठबंधन तैयार किया। बोराह ने बताया कि उपचुनाव में तय हुआ था कि एक सीट सीपीआई (एमएल) को मिलेगी, लेकिन अचानक उसी रात किसी ऐसे व्यक्ति का नाम घोषित कर दिया गया, जिसने कभी कांग्रेस का सदस्य नहीं रहा। इसके परिणामस्वरूप गौरव गोगोई वह सीट नहीं जीत सके। भूपेन बोराह ने कहा कि 9 फरवरी को गठबंधन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें उनसे फिर से गठबंधन बनाने के लिए कहा गया। उन्होंने बातचीत शुरू की, लेकिन 11 फरवरी को गौरव गोगोई ने कहा, "आप अकेले मत जाइए, रकीबुल हुसैन को भी साथ ले जाइए।" इसके बावजूद, 13 फरवरी को गौरव गोगोई ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी कि भूपेन बोराह ने गलतफहमी पैदा की है। बोराह ने इस अपमान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से भी इस पर चर्चा की, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि बोराह भाजपा में शामिल होने के बहाने ऐसा कर रहे थे। उन्होंने कहा, "जब कोई भाजपा में शामिल होता है, उसे एक स्क्रिप्ट दी जाती है और उम्मीद की जाती है कि वह उसी के अनुसार बोले। असम के लोग सोच रहे हैं कि अगर कांग्रेस में ही समस्याएँ थीं, तो आप भाजपा विरोधी अन्य पार्टियों में क्यों नहीं गए? आपने इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही हिमंता बिस्वा सरमा से हाथ क्यों मिलाया?"विशेषज्ञों का मानना है कि भूपेन कुमार बोराह का इस्तीफा असम में कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।